रांची. झारखंड के जनक पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां राज्य की सभी प्रमुख नदियों में प्रवाहित की जाएंगी। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इसकी सहमति दे दी है। दिल्ली से झारखंड लाने के बाद राज्य के सभी प्रमंडलों में उनकी अस्थि कलश यात्रा निकाली जाएगी। जिन-जिन जिलों से अस्थि कलश यात्रा निकलेगी, उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया जाएगा। इसके बाद साहेबगंज स्थित गंगा नदी के अलावा स्वर्णरेखा, कोयलकारो, दामोदर और खरकई सहित अन्य नदियों में अस्थि प्रवाहित की जाएगी।
सीएम बोले-ऐसा रूट बनाएं जिससे हर क्षेत्र में पहुंचे अस्थि कलश यात्रा
अस्थि कलश यात्रा की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शुक्रवार शाम नई दिल्ली के झारखंड भवन में राज्य के मंत्रियों और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। करीब 45 मिनट चली बैठक में तय हुआ कि इसका रूट तैयार किया जाए। ध्यान रखा जाए कि राज्य के सभी पांचों प्रमंडलों में यात्रा पहुंचे, ताकि वहां के लोग अपने श्रद्धेय नेता अटल बिहारी वाजपेयी को नमन कर सकें। सीएम ने कहा कि झारखंड राज्य बनाने में सबसे बड़ा योगदान वाजपेयी जी का रहा है। झारखंड के लोग उनके ऋणी हैं। वे चाहते हैं कि अपने नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करें। बैठक में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल, स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, शिक्षा मंत्री डॉ. नीरा यादव, श्रम मंत्री राज पलिवार के अलावा खादी बोर्ड के चेयरमैन संजय सेठ, दीपक प्रकाश, प्रदीप वर्मा, सुबोध सिंह गुड्डू सहित अन्य नेता थे।
लौट रहा हूं… अटल जी के सपनों को साकार करने के संकल्प के साथ
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दिल्ली में कहा, लौट रहा हूं झारखंड….लौट रहा हूं अपने कर्मभूमि में। अटल जी आपके सपनों के झारखंड को साकार करने के संकल्प के साथ। भारत रत्न झारखंड के जनक अटल बिहारी वाजपेयी जी अनंत में विलीन हो गए। अटल जी आप सूर्य की तरह अपना प्रकाश बिखेरते रहेंगे। आपके आदर्श और व्यक्तित्व सदैव हमें प्रेरणा देते रहेंगे। झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता की ओर से आपको अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि। अटल जी आप सदा हमारे साथ रहेंगे। अनंतकाल तक हर भारतीय के हृदय में आप अटल रहेंगे। शत-शत नमन आपको।



