
35 विभागों ने लगाए स्टाल– 37,641 लाभुक हुए लाभान्वित– 91.25 करोड़ राशि के लाभों का हुआ वितरण*


*दो लाख से अधिक श्रमिकों का हुआ निबंधन–चिन्हितीकरण और लाभ हस्तांतरण का कार्य आगे भी रहेग
जमशेदपुर। सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय न्यायाधीश श्री डी.एन. पटेल (झारखंड उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश) ने कहा कि आज तक विधिक जागरूकता के शिविर लगाए जाते रहे हैं जहां केंद्र और राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के विषय में जानकारी दी जाती रही है।नालसा के कार्यकारी निदेशक से प्राप्त दिशा निर्देश के आलोक में यह सकारात्मक पहल की गई है जिसके तहत शिविर के आयोजन से 15 दिन पूर्व से ही जागरूकता शिविर लगाए जाते हैं। जहां आम लोगों के बीच जाकर सरकारी योजनाओं के विषय में व्यापक प्रचार-प्रसार और जन जागरूकता का कार्य किया जाता है। जिस दिन शिविर का आयोजन होता है उस दिन लाभुकों को लाभ का वास्तविक हस्तांतरण किया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह काफी हर्ष का विषय है कि आज एक ही परिसर में सरकार के 35 विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं जहां पूर्वी सिंहभूम जिले के दो अनुमंडल 11 प्रखंड तथा 1677 गांव से आए हुए 37,641 लाभुकों के बीच 91.25 करोड़ राशि के लाभों का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कहा कि न्यूनतम मजदूरी अधिनियम , औद्योगिक विवाद अधिनियम, पेमेंट आफ वेजज़ एक्ट, प्रोविडेंट फंड सहित जितने भी अनेक प्रकार के श्रम कानून अस्तित्व में हैं उनके तहत जो वर्कर्स आते हैं उनकी संख्या 4% से अधिक नहीं है। असंगठित क्षेत्र के 96% श्रमिकों के लिए अलग से कानून बने हैं। उन्होंने कहा कि 2,05,300 से अधिक लोगों का निबंधन हो गया है इनकी स्क्रूटनी करने के पश्चात लाभ दिए जाएंगे। सभी लाभुकों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से लाभ दिए जाएंगे जिससे कि सीधे लाभुक के बैंक खातों में राशि का हस्तांतरण होगा। न्यायाधीश ने कहा कि जितना अधिक हो सके आम लोग केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो सकें इस प्रकार के शिविरों के आयोजन का उद्देश्य यही है। और इसकी सफलता प्रत्यक्ष देखी जा सकती है जब इतनी बड़ी संख्या में लाभुक एक ही स्थान पर लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर महीने एक कैंप लगाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। न्यूनतम एक कैम्प तो लगाया ही जाएगा, पूरे राज्य को आच्छादित करने के दृष्टिकोण से एक से अधिक कैंप भी लगाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस कैंप की विशेषता यह है कि उच्च न्यायालय के कई न्यायाधीश, सरकार के सभी विभाग और लाभुकों के एक ही स्थान पर उपस्थिति से किसी तरह की मध्यस्थता या घोटाले की गुंजाइश नहीं रह जाती और लाभ वास्तविक लाभुकों के खाते तक सीधा हस्तांतरण हो जाता है।
इस अवसर पर नालसा के निदेशक श्री सुनील चौहान, झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश श्री एच. सी. मिश्रा, श्री अपरेश कुमार सिंह, श्री एस. के. पाठक, श्री बी. बी. मंगलमूर्ति, श्रीमती अनुभा रावत चौधरी , जिले के उपायुक्त श्री अमित कुमार , वरीय पुलिस अधीक्षक श्री अनूप बिरथरे, जिला सत्र न्यायाधीश श्री मनोज प्रसाद, अन्य न्यायाधीश गण जिले के तमाम पदाधिकारी गण, अधिवक्ता गण तथा बड़ी संख्या में आम लोग उपस्थित थे।

