
जमशेदपुर। श्रम कानूनों में मजदूर विरोध्ी संशोध्नों, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, भूमि अध्ग्रिहण संशोध्न अध्यादेश तथा मनरेगा में किये गये कटौती के विरोध् में विभिन्न केन्द्रीय श्रम संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से विरोध् प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय ध्रना दिया गया। ध्रना के माध्यम से प्रधनमंत्राी के नाम उपायुक्त को छह सूत्राी मांगों का एक ज्ञापन सौंपकर श्रमिकों तथा किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों को स्वीकार करने की गुहार लगायी गयी है। ध्रना में प्रमुख रूप से इंटक के राकेश्वर पांडेय, भारतीय मजदूर संघ के कृष्णा सिंह, इंटक के स्वपन घोषाल, सिटू के टीएन सिंह, एआईसीसीटीयू के ओम प्रकाश और अमित राय, एचएमएस के दिनेश सिंह आदि शामिल थे। मालूम हो कि इसी मुद्दे को लेकर देश के 11 केन्द्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा गुरूवार 26 पफरवरी को पूरे देश में व्यापक विरोध् प्रदर्शन एवं ध्रना दिया गया।
पीएम के नाम डीसी को सौंपा गया मांग पत्रा
श्रमिकों के हित के विरू( श्रम कानूनों में किये गये संशोध्नों को वापस लिया जाय। श्रम संगठनों द्वारा दिये गये 10 सूत्राी मांग पत्रा पर श्रम संगठनों से वार्ता कर सकारात्मक पहल किया जाय। असंगठित क्षेत्रा के मजदूरों के लिए राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन 15000 रूपये मासिक निर्धरित किया जाय। ठेका प्रथा समाप्त किया जाय। ठेका मजदूरों को स्थायी मजदूरों के समान वेतन तथा अन्य सुविधएं दी जाय। बोनस, पीएपफ ग्रेच्यूटी से सिलिंग समाप्त किया जाय। कोयला में अलोकतांत्रिक नीलामी तथा रेलवे, बीमा, रक्षा, बिजली में प्रत्यथ विदेशी निवेश बंद किया जाय। सार्वजनिक क्षेत्रा के विनिवेश पर रोक लगाया जाय। भूमि अध्ग्रिहण संशोध्न अध्यादेश अविलंब वापस लिया जाय। मनरेगा में प्रस्तावित कटौती को निरश्त किया जाय तथा मनरेगा को और अध्कि व्यापक बनाया

