
10 दिन बीत गये, लेकिन न तो अक्षेस न ही प्रशासन ने ध्यान दिया
संवाददाता
जमशेदपुरः 10 दिन बीत जाने के बाद भी न तो जिला प्रशासन ने और न ही जमशेदपुर अक्षेस प्रशासन ने ध्यान दिया, जिसका परिणाम यह है कि भुइयांडीह इंदिरानगर के करीब दस हजार बस्तीवासी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं. स्थिति दिन प्रति दिन नारकीय होती जा रही है. जहां-तहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है. न तो बस्ती में स्ट्रीट लाइट है और न ही अन्य सुविधाएं. गंदगी के कारण बस्ती में कभी भी महामारी फैल सकती है.
जैसा कि विदित है कि इस संबंध में झारखंड मुक्ति मोरचा का एक प्रतिनिधिमंडल मिल कर विशेष पदाधिकारी को दस दिन पूर्व ज्ञापन सौंपा था, लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी जमशेदपुर अक्षेस प्रशासन ने इस दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया. इससे नाराज झामुमो ने शुक्रवार को पुनः विशेष पदाधिकारी को स्मारपत्र सौंप कर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि अगर जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन छेड़ा जायेगा, जिसकी जिम्मेदारी अक्षेस प्रशसन पर ही होगी, स्मार पत्र में बताया गया है कि अक्षेस के लगातार उपेक्षापूर्ण रवैये से बस्ती में भारी आक्रोश व्याप्त है. स्मार पत्र में त्वरित रूप से कार्रवाई की मांग करते हुए इंदिरा बस्ती में व्याप्त गंदगी की साफ-सफाई की मांग की है. साथ ही भुइयांडीह इंदिरानगर का जर्जर पुल की मरम्मत तथा वहां फैली गंदगी की सफाई की मांग की है. पुल के पास ही नाला पूरी तरह से गंदगी के कारण जाम हो गया है. उसकी तत्काल सफाई कराने की मांग स्मार पत्र में की गयी है. साथ ही इंदिरानगर चौक पर हाई मास्ट लाइट तथा मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है. साथ ही यह भी मांग की गयी है कि पुल के समीप मूत्रालय का निर्माण किया जाये, ताकि जो लोग इसके अभाव में इधर-उधर मूत्र त्याग करते हैं, वे न करें. महिलाओं के लिए भी ऐसी ही व्यवस्था होनी चाहिए.
स्मार पत्र देनेवालों में जिला अध्यक्ष सह पूर्व विधायक, घाटशिला रामदास हांसदा, आशीष नामता, जयंत चौबे, रवि नामता, राजेंद्र प्रसाद, संटू मंडल, रंजीत महतो, कालू गोराई, गोपाल महतो, डी राकेश राव, राज कुमार झा,रजनी दास, राज लकड़ा, प्रीतम हेंब्रम, रमेश मुर्मु समेत कई लोग शामिल थे.


