
जमशेदपुर। सिने तारिका माधुरी दीक्षित की भक्ति के रूप में अंतर्राष्ट्रीय पहचान बना चुके साकची के पप्पू सरदार के सहयोग से पहली बार करनडीह (पटेल बगान) स्थित चेशायर होम में रहने वाले मानसिक एवं शारीरिक रूप से विक्षिप्त 30 लोगों ने सोमवार को दोपहर के शो में साकची स्थित जमशेदपुर टाकिज में जादू का शो देखा। करनडीह चेशायर होम से साकची जमशेदपुर टाकिज लाने एवं वापस ले जाने की व्यवस्था बस के माध्यम से की गयी थी। जादू के खेल के दौरान उन लोगों के लिए नास्ता-पानी की भी उचित व्यवस्था पप्पू सरदार ने की थी।इस मौके पर पप्पू सरदार ने मीडिया को बताया कि जादू एक ऐसी कला है जो प्राचीन काल से चलती हुई आ रही है और आज के इस युग में लुप्त होने के कगार पर है। मनोरंजन के लिए इस जादू कला को बचाने का प्रयास सबको मिलकर करने की जरूरत हैं।जादूगर डीके भारत ने कहा कि इस कला के जरिये अंध विश्वास दूर करने की कोशिश कर रहा हूं। जिसमें सबके सहयोग की जरूरत हैं। जादूगर डीके भारत के पिता ओम सिंह ने भी सभी विक्षिप्तों का पूरा ख्याल रखा।मालूम हो कि जादू के इस शो में प्रमुख रूप से हवा में नाचती हुई छड़ी, एक जिंदा लडके को लकड़ी बना के आरा ब्लेड से दो टुकडे करना, मिश्र देश के हजारों साल पुरानी मीमी को फिर से जिंदा करना, सिकंदर की दो धारी तलवार लडके के गर्दन के आरपार करना आदि खेल देखकर सभी बहुत खुश हुए।



