
मालिकाना हक एवं स्थानीय नीति मुददे को लेकर साकची में कांग्रेसियों ने दिया धरना
जमशेदपुर। मालिकाना हक एवं स्थानीय नीति मुददे को लेकर कांग्रेस पार्टी पूर्वी सिंहभूम द्वारा शुक्रवार को साकची गोलचक्कर पर एक दिवसीय धरना दिया गया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता योगेन्द्र शर्मा (मुन्ना शर्मा) के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने मालिकाना हक के मुददे पर चार एवं स्थानीय नीति के मुददे पर तीन कुल सात सूत्री मांगों का एक ज्ञापन मुख्यमंत्री रघुवर दास के नाम उपायुक्त की अनुपस्थिति में एडीसी को सौंपा। मांग पत्र की प्रतिलिपि राष्टपति, प्रधानमंत्री एवं झारखंड के राज्यपाल को भी डाक के माध्यम से भेजा गया हैं। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष विजय खान एवं संचालन मनोज कुमार सिंह ने किया।
धरना को संबोधित करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा. अजय कुमार ने कहा कि जिस तरह कांग्रेस की सरकार ने दिल्ली और मुंबई में मालिकाना हक दिया उसी तर्ज पर झारखंड में भी दिया जाय। योगेन्द्र शर्मा (मुन्ना शर्मा) ने कहा कि हम सब कांग्रेसी लीज सबलीज का विरोध करते हैं। मालिकाना हक से कम कुछ नहीं चाहिए। स्थानीय नीति का आधार 15 नवम्बर 2000 (झारखंड स्थापना दिवस का दिन) होनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष विजय खान ने कहा कि मालिकाना हक के नाम पर सत्ता के शीर्ष तक पहुॅचने वाले रघुवर दास जनता को बरगला रहे हैं। यही सब लीज या अपने घर में भाड़ेदार बनाने वाले रघुवर दास की राजनीति पर विराम लगाने वाला हैं।
मौके पर अजय सिंह, रामाश्रय प्रसाद, अखिलेश सिंह यादव, रियाजुद्दीन खान, नुरजहां खान वारसी, देविका सिंह, शहनाज रफीक, राणा सिंह, पुनीता चैधरी, परविंदर सिंह, परितोष सिंह, राकेश साहू, शिखा चैधरी, श्रीराम ठाकुर, देबू चटर्जी, मो. शब्बीर, के.के. शुक्ला, अम्बुज पांडेय, अमरजीत सिंह, आमीर सोहेल, किशोर प्रभात, उपेन्द्र कुमार एवं नीरज कुमार समेत काफी संख्या में कार्यक्रत्र्ता मौजूद थे।
मालिकाना हक के मुददे पर मांगः-
1. आपने दिनांक- 02. अप्रैल को सरायकेला कार्यकर्ता सम्मेलन में आपने घोषणा की थी की आदित्यपुर के हाउसिंग कॉलोनी के लीज धारकों को मालिकाना प्रदान करेगें जब वहाँ लीज धारकों को मालिकाना दे सकते है तो फिर जमशेदपुर के लोगो को मालिकाना देने के बजाय लीज बंदोबस्ती क्यों ?
2. लीज छेत्र से बाहर की गई बस्तियों की अधिकारिक सुची जारी करें।
3. किस कानून एवं नियम के तहत आप लीज बंदोबस्ती प्रदान कर रहे है एवं आदित्यपुर के लीज धारको को मालिकाना देने की बात कह रहे है स्पष्ट करें ?
4. टाटा लीज छेत्र के अंतर्गत बसी बस्तियाँ कौन – कौन हैं और उनका भविष्य क्या है स्पष्ट करें ।
हम सहर वाशियों की एक मात्र मांग हैं मालिकाना हक इससे कम कुछ भी नहीं आशा है इस ज्वलंत मुद्दे पर आप जानता की भावनाओं का आदर करेगें।
स्थानीय नीति के मुददे पर मांगः-
1. झारखण्ड राज्य गठन के वक्त जो लोग भी यहाँ रह रहे थे उन्हें स्थानिय माना जाये।
2. स्थानिय के अधार पर किसी को भी रोजगार, शिक्षा आदि अधिकारों से वंचित ना किया जाये।
3. अनुच्छेद 14, 16(2), मुलधारना 51 क (ड.) का सम्मान किया जाये देश की नागरिकता एवं राज्य की स्थानियता का तुलनात्मक अध्ययन किया जाये।



