
● भाजपा जिला प्रवक्ता अंकित आनंद ने शिक्षा सचिव और उपायुक्त को सौंपा माँग पत्र
● फ़ीस बढ़ोत्तरी पर रोक लगाने और मैनेजमेंट कोटा समाप्त करने की माँग


जमशेदपुर।
जिले के प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फ़ीस बढ़ोत्तरी पर अंकुश लगाने की दिशा में भाजपा जिला प्रवक्ता ने डीसी अमित कुमार से हस्तक्षेप करने की माँग की है। गुरुवार को डीसी को सौंपे गए मांग पत्र के माध्यम से भाजपा नेता ने झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) विधेयक-2017 के प्रभाव में आने तक नए शैक्षणिक सत्र निज़ी स्कूलों में किसी भी तरह की फ़ीस बढ़ोत्तरी पर रोक लगाने की माँग की है। कहा गया सदन में विधायकों के आग्रह के उपरांत आंशिक संशोधन हेतु बिल को प्रवर समिति के समक्ष भेजी गयी है। कहा कि अगले सत्र में संभवतः संशोधित क़ानून सदन में पारित कर दी जाएगी, इसके लिए सूबे की रघुवर सरकार कटिबद्ध है। ऐसे में यदि स्कूलों द्वारा फ़ीस बढ़ा दी गयी तो इसका दंश अभिभावकों को झेलना होगा। छह सूत्री माँग पत्र में फ़ीस बढ़ोत्तरी पर रोक लगाने के अलावे सभी स्कूलों नर्सरी दाखिले में मैनेजमेंट कोटा एवं अन्य सभी तरह के कोटों को समाप्त करने की बात उल्लेखित है। कहा गया है कि केवल विधि द्वारा स्थापित नियमों के तहत ग़रीब एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों के लिए ही 25 प्रतिशत सीट आरक्षित रखी जाए। स्कूल प्रबंधन समितियों में कंपनी इम्प्लाई के साथ ही नॉन इम्प्लाई श्रेणी के बच्चों के अभिभावकों की बराबर हिस्सेदारी देने की माँग की गयी है। वहीं सभी प्राइवेट स्कूलों में पुस्तक आपूर्ति करने वाले विक्रेताओं को छात्रों के लिए 15 फ़ीसदी छूट देने की माँग की गयी। कहा गया कि वर्ष 2013 में किये गए आंदोलन के परिणाम स्वरूप टेल्को स्थित विद्या भारती चिन्मया विद्यालय में बच्चों के लिए 15% का विशेष छूट दिया जाता है। इसे आदर्श मानते हुए जिले के सभी स्कूलों में लागू कराया जाए। इस आशय का मांग पत्र भाजपा प्रवक्ता अंकित आनंद ने राज्य के मानव संसाधन विकास विभाग के सचिव को भी ई-मेल से भेजकर अविलंब आवश्यक निर्देश पारित करने की माँग की है।

