
जमशेदपुर। शहर के कई इलाकों में मौजूद सरकारी जमीन के खाली भूखंडों की घेराबंदी कर या कुछ उपयोगी निर्माण कर अतिक्रमण से बचाने के लिए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति ने कार्य-योजना को अमल में लाना शुरू कर दिया है। शास्त्री नगर, कदमा, बिरसानगर, सोनारी, मोहरदा, बारीडीह, बागुनहातु जैसे इलाकों में खाली पड़े भूखंडों पर विकेन्द्रित कम्पोस्टिंग पिट बनाये जा रहे हैं। जेएनएसी की ओर से सबसे पहले शास्त्री नगर ब्लॉक चार में दस दस टन क्षमता के तीन बड़े कम्पोस्टिंग पिट बनाने का काम निर्माणाधीन है। इसके बाद अन्य इलाकों में भी इसी तरह के प्रयास किये जाने हैं। विशेष पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि किसी बड़े भूखंड के बीचों बीच कम्पोस्टिंग प्लांट बनने से न केवल आसपास की भूमि अतिक्रमण मुक्त रहेगी बल्कि भविष्य में किसी अन्य सरकारी प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता पड़ने पर कम लागत से बनने वाले ये पिट को तोडने का विकल्प भी मौजूद रहेगा।
निकाय का ठोस कचरा प्रबंधन होगा बेहतर
गीले कचरे को डंप साईट तक जाने से रोकने के लिए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति पृथक्कृत कचरा संग्रह के उपरांत प्राप्त गीले कचरे को शहर के भिन्न भिन्न हिस्सों में बनने जा रहे इन विकेन्द्रित कम्पोस्टिंग गड्ढों में डालकर जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट आदि बनाने की योजना बना रही है। इससे न केवल गीले कचरे का निष्पादन होगा व कम्पोस्ट बिक्री से राजस्व की प्राप्ति होगी बल्कि भूमि को भी अतिक्रमित होने से बचाया जा सकेगा।

