
जमशेदपुर।राज्य से बाहर तकनीकी संस्थानों में पढाई कर रहे अनुसूचित जनजाति के कुल 750 विद्यार्थियों का राज्य सरकार द्वारा छात्रवृत्ति रोके जाने के संबंध में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के एक प्रतिनिधि मंडल ने आज उपायुक्त से मिल कर इस समस्या का समाधान निकालने की गुहार लगाई। उपायुक्त ने प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों को बताया कि यह सिर्फ पूर्वी सिंहभूम जिले का मसला नहीं है,बल्कि पूरे प्रदेश का है। इसलिए इस संबंध में कल्याण विभाग, झारखण्ड सरकार ने स्वतः संज्ञान लेकर यह घोषणा की है कि 2017 से पहले जितने भी अनुसूचित जन जाति के विद्यार्थी राज्य से बाहर तकनीकी की पढ़ाई कर रहे हैं, उन सभी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति नहीं रोकी जाएगी। उपायुक्त ने उन्हें बताया कि सरकार इस मामले में काफी संवेदनशील है। सरकार वैसे सभी अनुसूचित जन जाति के विद्यार्थियों को हर संभव सहयोग करने को प्रतिबद्ध है, जो 2017 से पहले राज्य से बाहर पढ़ाई कर रहे हैं । उपायुक्त ने उनसे इस मसले पर किसी प्रकार का भ्रम नहीं फैलाने की अपील भी की। उल्लेखनीय है कि कल्याण विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा 2017 से राज्य से बाहर तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले अनुसूचित जन जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बंद करने की घोषणा की गई थी, लेकिन साथ ही यह भी कहा गया था कि वैसे विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति जारी रहेगी जो 2017 से पहले तकनीकी संस्थानों में नामाकंन करा चुके हैं अथवा पढ़ाई कर रहे हैं । उपायुक्त ने मीडिया से भी अपील की कि खबरों के माध्यम से सही तथ्य लोगों के समक्ष रखें ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

