
रांची ।
सीबीआई अदालत ने चारा घोटाले मामले में अपने फैसला सुना दिया है, जिसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा समेत अन्य आरोपी शामिल थे।कोर्ट ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव समेत 15 लोगों को दोषी ठहराया है, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को चारा घोटाले मामले में बरी कर दिया गया है।कोर्ट लालू समेत 15 दोषियों की सजा पर फैसला 3 जनवरी को सुनाएगी।
आखिर क्या था चारा घोटला?
साल 1991 से लेकर 1994 के बीच देवघर कोषागार से 95 लाख रुपये निकल लिए थे. जिस वक्त यह घोटला हुआ, उस वक्त प्रदेश के मुख्यमंत्री लालू थे. हालांकि पूरे घोटाले की रकम लगभग 950 करोड़ थी. कुल मिलाकर इस केस में 34 अभियुक्त थे, जिनमें से 11 की मौत मुकदमे के दौरन हो गई थी और एक अपना जुर्म कबूल करके सीबीआई का गवाह बन गया था.

