
कौशिक घोष चौधरी
जमशेदपुर।
मार्केट में चमक
लक्खी पूजा को लेकर इन दिनों बाजार में खासी चमक दिखाई दे रही है. साकची मार्केट में इन दिनों पूजन सामग्री लेने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है. पूजा के लिए आवश्यक सामग्री नारियल लड्डू, खोई , चीनी के बने हुए हाथी घोडे , धान शीश रखने की चुब्री , धान सीश , चुनरी और श्रंगार का सामान लोग खरीद रहे है I
जमकर बिक रहीं मूर्तियां
लक्खी पूजा में मां लक्खी की मूर्तियों की बिक्री बढ़ गयी है. साकची और बिष्टुपुर मार्केट में लोकल मूर्तिकारों के अलावा बाहर से आए मूर्तिकार भी मां लक्खी की मूर्तियों की बिक्री कर रहे हैं. मूर्तियों के दाम 100 रुपए से लेकर 500 रुपए तक हैं. मूर्तिकारों ने बताया कि इस साल लक्खी पूजा में मूर्तियों का मार्केट अच्छा है I
श्रद्धा के अनुसार चढाएं भोग
लोक्खी पूजा के लिए सूर्यास्त से लेकर संध्या काल तक का समय, जिसे प्रदोष काल कहा जाता है सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस पूजा के लिए ब्राह्म्ण को बुलाया जाता है, जो सबसे पहले मां की मूर्ति की प्रतिस्थापना कराता है. इसके बाद मां की माँ लोक्खी पांचाली का पाठ किया जाता है. पूजा में अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग चढ़ाया जाता है. भोग के रूप में आठ तरह की दाल, नारियल लड्डू, चूड़ा लड्डू, खिचड़ी, भुजिया, फल आदि चढ़ा सकते हैं I समुदाय के कुछ लोगो के द्वारा माँ को मछली भी समर्पित की जाती है । पूजा के दिन श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रहते हैं ।

