
कौशिक घोष चौधरी


जमशेदपुर ।
शहर के बंगाली समुदाय में गुरुवार को कोजागरी पूर्णिमा पर लक्खी पूजा धूम धाम से की गयी I कच्चे चावल को पीस कर महिलाओं ने अल्पना और माँ लक्खी के शुभ पद चिन्हों को बना कर अपने घर माँ लक्खी का अपने घर स्वागत किया I दिनभर निर्जला व्रत रख महिलाओं ने संध्या में पूजन एवं माँ लक्खी की पांचाली की पाठ की ।
बने पारंपरिक व्यंजन
बिरसानगर वासी तनु गांगुली ने बताया की इस पूजा में सबसे ख़ास अल्पना होती है ।जो चावल को पीस के तयार किये हुए घोल से बनायी जाती है । कहा जाता है की इस दिन माँ लक्खी धरती पर भ्रमण करती है और इस दौरान जिनके द्वार पर सुन्दर अल्पना होती है वहां वे निवास करती है ।उन्होंने बताया की अल्पना का जरिये माँ लक्खी के चरण द्वार से लेकर घर के हर कोने में बनाये जाते है । साथ ही शाम की पूजा के लिए पारंपरिक भोग भी बनाया ।जिसमे खिचड़ी , पांच तरह की भाजी , पांच तरह की सब्जी , खीर ,पुड़ी , नारियल की लड्डू आदि शामिल थे । पूजन के पश्चात लोगो ने भोग ग्रहण किया I इस अवसर पर लोगो ने घर के बहार दिए जलाये ।

