
मामला एमजीएम में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद शव के नहीं उठाये जाने का


डॉ (श्रीमती) के कुजूर सिर्फ पैसा पंहचानती हैं, आदमी नहीः— झामुमो
जमशेदपुरः एमजीएम अस्पताल में चिकित्सक डॉ के कुजूर की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत का मामला जब तूल पकड़ने लगा, तो उपायुक्त ने जच्चा-बच्चा के शव का अंत्यपरीक्षण मेडिकल टीम द्वारा विडियोग्राफी के साथ कराने पर सहमत हो गये हैं. गौरतलब है कि सोमवार को इस मामले को लेकर झामुमो का एक प्रतिनिधिमंडल जिला झामुमो अध्यक्ष रामदास सोरेन के नेतृत्व में उपायुक्त डॉ अमिताभ कौशल से मिला था.उनका कहना था कि एमजीएम अस्पताल की चिकित्सक डॉ के कुजूर सिर्फ पैसा पहचानती हैं, आदमी नहीं. उनमें आदमीयत है ही नहीं.ऐसे चिकित्सक के खिलाफ जल्दसे जल्द कार्रवाई की जाये. साथ ही मेडिकल टीम द्वारा मजिस्ट्रेट की तैनाती में विडियोग्राफी के साथ शव का अंत्यपरीक्षण कराया जाये. उल्लेख्य है कि सोनाहातु, रांची निवासी बाकुलाल अहिर अपनी पत्नी नारायणी देवी को विगत 28 मई को ईचागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था, जहां चिकित्सा के उपरांत वहां के चिकित्सकों ने एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया. बाकुलाल अहिर तत्काल अपनी पत्नी को उसी दिन शाम 5.07 बजे एमजीएम अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां से उसे प्रसुति वार्ड में भेज दिया. दूसरे दिन सुबह करीब 11 बजे अल्ट्रासाउंड करने के बाद डॉक्टर ने कहा कि बच्चा पेट में ही मर गया है. ऑपरेशन करना होगा, इसके लिए खून व पांच हजार रुपये चिकित्सक ने मांगा, ऑपरेशन कर पेट से बच्चा निकालने की बात चिकित्सक डॉ के कुजूर ने कही. बाकुलाल ने एक बोतल खून लाकर चिकित्सक को दिया, लेकिन चिकित्सक ने ऑपरेशन नहीं किया. तब उसने इसकी शिकायत अस्पताल के अधीक्षक से की. साथ ही यह भी कहा कि चिकित्सक डॉ कुजूर पांच हजार रुपये की मांग कर रही हैं,,लेकिन अधीक्षक ने कोई कार्रवाई नहीं की. 30 मई को भी एक बोतल खून चिकित्सक ने मंगवाया, मरता क्या न करता. उसने पुनः एक बोतल खून की व्यवस्था की. लेकिन इसके बाद भी ऑपरेशन नहीं किया गया, जिसके चलते पहले बच्चा फिर उसकी पत्नी की मौत हो गयी. बाकुलाल ने साफ तौर पर कहा है कि उसकी पत्नी व बच्चे की मौत डॉ के कुजूर की लापरवाही के कारण हुई है. महज पांच हजार रुपये नहीं देने के कारण उसने उसकी पत्नी व बच्चे को मार दिया. इसमें मामंले में अस्पताल अधीक्षक आरवाई चौधरी की पूरी लापरवाही है, जिन्हें जानकारी देने के बाद भी वे किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की. बाकुलाल ने उपायुक्त से मांग की कि उसकी पत्नी के शव का पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट नियुक्त कर चिकित्सकीय टीम द्वारा करायी जाये. साथ ही इसकी विडियोग्राफी भी की जाये,ताकि निष्पक्ष रूप से पोस्टर्माटम हो सके. बाकुलाल ने कहा है कि डॉ कुजूर सिर्फ पैसा पहचानती हैं, आदमी नहीं, उनमें आदमीयत है ही नहीं. लोग मरें अपनी बला से. उन्हें तो सिर्फ पैसा चाहिये. झामुमो प्रतिनिधिमंडल में झामुमो विधायक डॉ कुणाल षाडंगी, मोहन कर्मकार, राजू गिरि, महावीर मुर्मु, सुनील महतो समेत कई झामुमो के नेता व कार्यकर्ता थे.
गौरतलब है कि जच्चा-बच्चा की मृत्यु के बाद अस्पताल में परिजनों व अन्य लोगों ने जम कर हंगामा किया था. कुछ दिन पूर्व भी इसी तरह के केस में जच्चा-बच्चा की मृत्यु हो गयी थी और इसमें भी लालची व निर्दयी चिकित्सक डॉ के कुजुर का ही हाथ था. दोनों मामलों में साकची थाना में मामला दर्ज कराया गया है, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है. हाथ पर हाथ धरे बैठी है.

