
जमशेदपुर। शुक्रवार को मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन शहर के प्रमुख आठ घाटों समेत कुल 14 नदी व तालाबों में किया गया। दुर्गा पूजा व दशाहारा के दौरान जिला प्रशासन व पुलिस की सक्रियता एवं जागरूक नागरिकों के कारण शहर में किसी भी प्रकार की बड़ी घटनाएं नहीं हुई। छोटी-मोटी घटनाएं व सड़क दुर्घटनाएं आम बात रही। सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायल हुए लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों एवं नर्सिंग होमों में चल रहा है। सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों की संख्या लगभग दो दर्जन है लेकिन सब खतरे से बाहर है। प्रतिमा विसर्जन की शुरूआत दिन में 11 बजे से शुरू हो गयी थी जो रात 11 बजे तक पूरी हो गयी थी। शहर के 285 पूजा पंडालो पूजा कमिटियों ने मां की प्रतिमा का विसर्जन शुक्रवार को कर दिया। दशमी को सभी पंडालों में सुबह महिलाओं ने सिंदूरदान किया। जिसमें कापफी महिलाओं ने भाग लिया। जिसके लिए विभिन्न पंडालो में महिलाओं की लंबी कतार लगी हुई थी। विसर्जन जुलूस जिस मार्ग से गुजरा उस मार्ग में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक एवं अन्य संगठनों द्वारा शिविर लगाकर जुलूस में शामिल श्र(ालूओं के बीच पफल, बिस्कुट, चाय, पानी, शर्बत आदि का वितरण किया। भारतीय रेडक्रास सोसायटी समेत अन्य कई संगठनों द्वारा चिकित्सा शिविर लगाकर जुलूस में घायल होने वाले लोगों का निःशुल्क इलाज किया। साकची बड़ा गोलचक्कर पर जिला प्रशासन द्वारा सुबह से लेेकर देर रात तक जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन समेत केन्द्रीय शांति समिति के अध्किारी तैनात थे। शहर के प्रमुख आठ घाटों समेत साकची बड़ा गोलचक्कर, मस्जिद रोड, बंगाल क्लब रोड और पुराना कोर्ट परिसर रोड में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। विसर्जन जुलूस वाले मार्ग में प्रवेश करने वाले सड़कों को प्रशासन द्वारा पूरी तरह बेरिकेटिंग कर दिया गया था। नदी घाटों पर भी उचित व्यवस्था थी। दो स्थानों पर वीडियोग्रापफी करायी गयी थी। जगह-जगह दंडाध्किारियों समेत पुलिस पदाध्किारी, सशस्त्रा पुलिस पफोर्स, महिला बल, लाठी पार्टी और सादे लिबास में भी जवानों की तैनाती की गयी थी। सबसे अध्कि मां की प्रतिमा का विसर्जन स्वर्णरेखा घाट साकची में किया गया। दुर्गा पूजा व दशहारा शांतिपूर्वक एवं ध्ूमधम से संपन्न होने पर विभिन्न राजनीति एवं सामाजिक संगठनों समेत अन्य संगठनों द्वारा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन समेत शहरवासियों को हार्दिक बधई दी है। केन्द्रीय दुर्गा पूजा समिति जमशेदपुर के पदाध्किारियों ने भी पूजा कमिटियों का साथ देने के लिए शहरवासियों को ध्न्यवाद दिया है।



