खरसावां )। खरसावां शहीद स्थल पर रविवार को श्रद्घांजलि सभा के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास का विरोध किए जाने के मामले में करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्यक्रम के दौरान की गई फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी देखी जा रही है। फुटेज देखकर होगी पहचान…
– फुटेज देखकर विरोध करने वालों की पहचान की जाएगी। सोमवार को मामले की जांच करने के लिए सूबे की उच्च स्तरीय प्रशासनिक टीम खरसावां पहुंची।
– इस टीम में राज्य के मुख्य सचिव राजवाला वर्मा, गृह सचिव एस के जी राहटे, पुलिस महानिदेशक डीकेे पांडे, एडीजीपी (विशेष शाखा) अनुराग गुप्ता शामिल थे।
– पदाधिकारियों ने रविवार को हुए कार्यक्रम से संबंधित सभी स्थलों का दौरा किया। टीम सबसे पहले खरसावां शहीद स्थल पहुंची और फिर चांदनी चौक जाकर रविवार के कार्यक्रम के दौरान की गई सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
– इसके बाद सभी खरसावां प्रखंड कार्यालय पहुंचे और वहां जिले के प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
– बैठक में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने रविवार को डयूटी के दौरान तैनात सभी प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों से घटना से संबंधित विस्तृत जानकारी ली।
– बैठक के दौरान डीआईजी शंभुनाथ ठाकुर, डीसी के श्रीनिवासन, एसपी संजीव कुमार, डीडीसी इकबाल आलम अंसारी, एडीसी संदीप दोराईबुरू, एसडीओ दीपक कुमार, एसडीपीओ सुमित कुमार, बीडीओ खरसावां शशिंद्र बडाईक, बीडीओ कुचाई साईमन मरांडी के साथ कई पुलिस प्रशासन के पदाधिकारी मौजूद थे।
जांच कर होगी कार्रवाई-मुख्य सचिव
– मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने कहा कि रविवार को खरसावां में शहीद दिवस के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास को विरोध का सामना करना पड़ा था। विरोध प्रदर्शन मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये है मामला
– मुख्यमंत्री रघुवर दास रविवार को शहीदों को श्रद्घांजलि देने खरसावां पहुंचे थे। इसी क्रम में खरसावां शहीद स्थल पर झामुमो सहित आदिवासी संगठनों के द्वारा सरकार के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी गई।
– मुख्यमंत्री का काफिला जैसे ही शहीद पार्क के मुख्यद्वार के पास पहुंचा, वैसे ही उन्हें भारी विरोध का सामना करा पड़ा। सीएनटी-एसपीटी एक्ट के संशोधन के विरोध में आदिवासी संगठनों ने न सिर्फ मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए, बल्कि उनके खिलाफ नारेबाजी भी की।
– चन्द लोगों ने जूते-चप्पल भी फेंके। रघुवर दास मुर्दाबाद मुख्यमंत्री वापस जाओ, सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन वापस लो आदि नारे लगाए।
– भारी विरोध के कारण मुख्यमंत्री खरसावां पार्क के मुख्य गेट से पैदल ही शहीद मैदान में गए। उनसे पहले श्रद्घांजलि अर्पित कर रहे लोगों ने मुख्यमंत्री को लगभग 10 मिनट तक समाधि स्थल गेट पर रोके रखा।



