
बेंगलुरू, 16 मार्च। चेन्नइयन एफसी के मिडफील्डर धनपाल गणेश जब शनिवार को हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के चौथे सीजन के फाइनल में बेंगलुरू एफसी के सामने होंगे तो श्री कांतिरावा स्टेडियम में उनके जेहन में मिश्रित भावनाएं उठ रही होंगी।
कांतिरावा स्टेडियम में ही साल 2015 में भारतीय टीम के कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन ने धनपाल को पहली बार भारत के लिए खेलने का मौका दिया था। वह ईरान के खिलाफ विश्व कप क्वावालीफायर था। उस मैच में गुरप्रीत सिंह संधू ने भी पदार्पण किया था। गुरप्रीत ने जहां कुछ अच्छे बचाव के कारण लोगों की तारीफें बटोरीं वहीं धनपाल को एंटिरियर क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) चोट के कारण 14वें मिनट में ही मैदान से बाहर जाना पड़ा था।्
इस चोट के कारण धनपाल पूरे सीजन में नहीं खेल पाए।उस साल आईएसएल का खिताब जीतने वाली चेन्नइयन एफसी ने धनपाल पर भरोसा बनाए रखा और उनके करार में एक साल का विस्तार किया। बीते साल आईलीग सीजन में धनपाल चेन्नई सिटी के लिए खेले और अब एक अहम खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।
लगभग तीन साल के बाद जब वे कांतिरावा स्टेडियम लौटे तो उन्होंने इस वापसी को यादगार बनाते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई। धनपाल द्वारा हेडर के जरिए किए गए गोल की मदद से चेन्नई टीम ने बेंगलुरू को 2-1 से हराया था।
वह कोच जान ग्रगोरी को यह यकीन दिलाने का संकेत था कि वे अपने इस जुझारू मिडफील्डर पर भरोसा कर सकते हैं। सीजन के शुरुआती मैच में गोवा के खिलाफ धनपाल को टीम में जगह नहीं मिली थी। इसके बाद यह शंका हुई थी कि कहीं धनपाल इस सीजन में बिना कोई मैच खेले ही घर रवाना न हो जाएं लेकिन ग्रेगोरी को इस मिडफील्डर की अहमियत का अंदाजा हो गया था।
ग्रेगोरी ने कहा-मैंने गणेश को सुबह एक संदेश भेजा था। वह उस समय सो रहे थे। मैं उन्हें नाश्ते के कमरे में देखना चाहता था। वह इस तरह कमरे में आए, जैसे मैं उन्हें सजा देने वाला हूं लेकिन मैंने उन्हें एक अच्छी खबर सुनाई कि वह नार्थईस्ट युनाइटेड एफसी के खिलाफ अगले मैच में शुरुआती एकादश में होंगे। उनके चेहरे के भाव बदल गए। मैंने उनसे कहा कि वह तैयार हो जाएं क्योंकि मैच अच्छा होना चाहिए और धनपाल ने एसा ही किया। धनपाल का प्रयास शानदार था।-
इसके बाद से धनपाल ने किसी को निराश नहीं किया। अब जब वह शनिवार को इस सीजन के फाइनल के लिए कांतिरावा स्टेडियम में उतरेंगे तो वह निश्चिच तौर पर यही चाहेंगे कि वह विजयी टीम का हिस्सा हों और इस जीत में उनके गोल का भी योगदान हो।

