सहरसा-बाढ प्रभावित इलाके में कार्यरत रहेगा तैरता अस्पताल बाढ को लेकर सरकार ने बाढ पीडितो के लिये किया ये व्यवस्था

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महेन्द्र प्रसाद,

सिमरी बख्तियारपुर,सहरसा
बाढ प्रभावित इलाके में अब तैरता अस्पताल कार्य करेगा। बाढ प्रभावित लोगो की चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिये सरकार ने तैरता अस्पताल या चलंत औषधालय बनाया है। ये चंलत औषधालय बाढ प्रभावित क्षेत्रो की पहचान कर उक्त मरीजो को दवा मुहैया करायेगा एवं अगर ज्यादा बीमार है तो उसे अनुमंडलीय या जिला अस्पताल पहुचायेगी। इन चंलत अस्पताल में चिकित्सक के आलावे अन्य कर्मी के साथ दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेगा। जहां भी किसी तरह की समस्या आती है तो ये टीम वहां नाव से पहुचकर मरीज का ईलाज करेंगे।

सिमरी बख्तियारपरु में तीन टीम बनाया गया है-

अनुमंडल के सिमरी बख्तियारपुर, सलखुआ एवं बनमा ईटहरी प्रखंड में हर साल बाढ आती है। खासकर सिमरी बख्तियारपुर एवं सलखुआ के तटबंध के अंदर लगभग एक दर्जन पंचायत के लाखो लोग बाढ से प्रभावित होता है। बाढ के कारण किन्ही किन्ही पंचायत के लोगो को घर तक छोडकर उचे स्थान पर जाना पडता है। वही जो लोग खुद उचे जगहो पर है उन्हे स्वास्थय सेवा मुहैया कराने के लिये ये चलंत अस्पताल की व्यवस्था किया गया है। सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड में तीन टीम का गठन किया गया है। ये टीम कोसी तटबंध के अंदर बाढ प्रभावित क्षेत्रो में स्वास्थय सेवा उपलब्ध करायेगा। टीम में एक चिकित्सक, एक एएनएम, एवं एक पैरा मेडिकल कर्मी तैनात रहेंगे। इनके साथ पर्याप्त मात्रा में दवा एवं अन्य चिकित्सा सामग्री उपलब्ध होगी। दवा की कमी होने से नजदीक के अस्पताल से दवा सहित अन्य सामग्री लिया जायेगा। सभी अस्पताल में दवा उपलब्ध कराया जा रहा है। सिमरी बख्तियारपुर में दो टीम तटबंध के अंदर एवं एक टीम को तटबंध के बाहर रखा गया है।

बाढ के बाद के खतरे से निपटने के किये उपाय-

सिविल सर्जन ने पत्र में कहा है कि बाढ के बाद जब पानी घटने लगता है तो महामारी की आषंका फैलती है। जिनसे निपटने के लिये व्यवस्था किया गया है। अनुमंडलीय उपाधीक्षक डाॅ अविनाष कुमार सिंन्हा के अनुसार के तत्काल 17 तरह की दवा उपलब्ध करायी जा रही है। ये टीम कही से भी षिकायत आती है तो तुंरत प्रभावित मरीज का इलाज करेगा। इनके लिये इन्हे नाव दिया जा रहा है।

क्या कहते है अनुमंडलीय उपाधीक्षक

– अनुमंडलीय उपाधीक्षक डाॅ अविनाष कुमार सिन्हा ने बताया कि बाढ को देखते हुए बाढ प्रभावित इलाके में स्वास्थय सेवा मुहैया कराने के लिये तीन टीम की व्यवस्था किया गया है। टीम में एक चिकित्सक, एक नर्स एवं एक मेडिकल कर्मी रहेंगे। षिकायत पर तुरंत वहां पहुच कर प्रभावित मरीज का ईलाज करेंगे। अगर मरीज ज्यादा गंभीर है तो उसे अनुमंडलीय या जिला अस्पताल भेजा जायेगा।

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