रेड क्रॉस ने किया रक्तदान का आयोजन, 1018 यूनिट रक्त हुआ एकत्रित

 

संवाददाता,जमशेदपुर,11अक्टूबर

रेड क्रॉस सोसाईटी आम लोगों की संस्था है, जितनी ज्यादा जन भागीदारी होगी, संस्था उतनी ही अधिक क्रियाशील होगी, पीड़ित मानवता की सेवा के प्रति अपने उद्देश्यों को प्राप्त कर सकेगी। इसे रेड क्रॉस सोसाईटी की पूर्वी सिंहभूम शाखा ने साबित किया है। उक्त विचार जिला के उपायुक्त सह अध्यक्ष रेड क्रॉस पूर्वी सिंहभूम डॉ. अमिताभ कौशल ने विश्व रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में जमशेदपुर के  साकची  स्थित रेड क्रॉस भवन में आयोजित रक्तदान महायज्ञ के उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किया। उन्होंने रेड क्रॉस सोसाईटी के कार्यों में रुचि लेकर उसे आगे बढाने वाले पूर्व उपायुक्तों की प्रशंसा करते हुए कहा कि निश्चित रूप से उनका मार्गदर्शन रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम को प्राप्त हुआ, जो जन भागीदारी को बढाकर आज संस्था को इस मुकाम तक पहुंचाने में सहायक बना। उपायुक्त डॉ. कौशल ने रक्तदान कर रहे रक्तदाताओं का स्वागत करते हुए कहा कि रक्तदान करने वाले सही मायने में समाज के लिए नायक है, आज इन्ही नायकों के बदौलत यहां 1018 यूनिट रक्तदान हुआ है। रक्तदान शिविर का विधिवत उद्घाटन उपायुक्त डॉ. कौशल ने दीप प्रज्जवलित कर तथा लोकनायक जयप्रकाश की तस्वीर पर पुष्प अर्पण कर लिया। उनके साथ एडीसी सुनील कुमार, डॉ. बी. पी. सिंह, जमशेदपुर ब्लड बैंक के उपाध्यक्ष बेली बोधनवाला, सचिव नलिनी राममूर्ति, एसडीएसएम स्कूल के दीवाकर सिंह, समाजसेवी चन्द्रमोहन सिंह ने दीप प्रज्जवलित किया तथा लोकनायक की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किया। इस अवसर पर ए.डी.सी. श्री सुनील कुमार ने रक्तदान किया, इस अवसर पर उपायुक्त ने सभी रक्तदाताओं को पुष्प गुच्छ प्रदान किया। आज इस अवसर रेड क्रॉस के मानद सचिव विजय कुमार सिंह ने रक्तदान शिविर का संचालन किया। सभी रक्तदाताओं को इस अवसर पर रेड क्रॉस की ओर से स्मृति चिन्ह तथा रक्तदाता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया गया। रेड क्रॉस के मानद सचिव विजय कुमार सिंह ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रेड क्रॉस के साथ रक्तदाताओं का जुड़ा यह जज्बा पीड़ित मानवता की सेवा के लिए हमेशा कारगर होगा और आगे भी रक्तदाताओं के दम पर रेड क्रॉस हर रक्त जरुरतमंद के जीवन रक्षा के लिए तत्पर रहेगा। आज रक्तदान शिविर के अवसर पर 130 महिलाओं ने रक्तदान का प्रयास किया, जिनमें विभिन्न कारणों से मात्र 40 महिलाएं ही रक्तदान के योग्य पायी गयी।

 

 

 

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