पटना।14जुलाई
तेजस्वी ने बुधवार की घटना की कड़ी निंदा ट्वीटर के माध्यम से करते हुए कहा कि‘मीडियाकर्मियों पर हमले की खबर पूरी तरह से भ्रामक है. मीडियाकर्मियों की गुजारिश पर मैंने शान्तिपूर्वक करीब 5—7 मिनट इंतजार किया ताकि वह आपस में अपनी आदत के मुताबिक झगड़ना बंद कर दें,प्रतिस्पर्धा उनका स्वभाव है, मैं समझता हूं कि उनका काम कितना मुश्किल है, खासतौर पर कैमरामैन का. वे गिरते हुए भी एक—दूसरे से प्रतिस्पर्धा जारी रखते हैं. दो मीडियाकर्मियों ने माइक मेरे पीछे से लगा दिया| माइक मेरे कान और सिर को छूते हुए आगे आ गया| ठीक उसी वक्त में करीब दस माइक मेरे सामने आ गए और मेरी नाक से टकराने ही वाले थे,कि मैंने खुद को बचाने की कोशिश की. डयूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने अपना कर्तव्य निभाया और बचने में मेरी मदद की|
व्यक्तिगत रूप से मैं नहीं जानता था कि दूसरी तरफ क्या चल रहा है? क्योंकि मैं उस वक्त मीडियाकर्मियों से बात कर रहा था और उन्हीं से घिरा हुआ था, जबकि एक कैमरामैन का कैमरा स्वास्थ्य मंत्री के सिर पर जोर से टकरा गया, जब वह कार में बैठने जा रहे थे लेकिन उन्होंने इसकी शिकायत तक नहीं की. इसकी कोई जरूरत भी नहीं है क्योंकि भीड़ में ये सब होता रहता है|
कई सुरक्षाकर्मियों को भी हल्की चोटें आई हैं,ऐसे संवेदनशील मौके पर जब सैकड़ों मीडियाकर्मी आपको घेरे हुए हों और अचानक उछलकर बाइट के लिए आपके सामने आ जाएं. ये हमारे, मीडिया और सुरक्षाकर्मियों के लिए काफी मुश्किल हो जाता है,कुछ चैनलों पर ऐसी भी रिपोर्ट चलाई जा रही है कि यह सब मेरे कहने पर हुआ है और कुछ राजद कार्यकर्ताओं ने हाथापाई भी की है,यह बात पूरी तरह से निराधार है| हम हमेशा ही मीडिया से मित्रवत व्यवहार करते रहे हैं और उनके सवालों का जवाब शालीनता से देते रहे हैं, खेद प्रकट करता हूं और मीडिया पर किसी भी तरह के हमले की कड़ी निंदा करता हूं| इस तरह के वाकये नहीं होने चाहिए,मैं खुद इस मामले को देखूंगा और इस मामले की जांच करवाऊंगा|



