
पटना।आरा में दो पत्रकार नवीन निश्चल और विनोद सिंह की हत्या पर नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन कड़े शब्दों में निंदा करती है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि पत्रकार के एक-एक कतरे खून का अंजाम भुगतेगी सरकार ।जिस प्रकार सूबे में पत्रकार पर हमले हो रहे हैं वह दुर्भाग्य है। पत्रकार कभी अपराधियों के निशाने पर होते हैं या कभी नेता के निशाने पर या कभी प्रशासन के निशाने पर चढ़ रहे हैं यह विडम्बना ही कहा जा सकता है । पत्रकारों के साथ घटी घटना है सूबे के सभी पत्रकार पूरी तरह दहशत में है। 
एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव संजय कुमार सुमन ने घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताते हुए हत्या में शामिल अपराधियों की अविलम्ब गिरफ्तारी की मांग सहित मृतक पत्रकार को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता देने की राज्य सरकार से मांग की है।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर लगातार हमला हो रहा है। इसके बावजूद सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।पत्रकार की हत्या असहनशीलता की राजनीति का उदाहरण है।आलोचना की आवाजों को दबाने की कोशिश है ।यह हमारे लोकतंत्र के लिए अत्यंत दुखद क्षण हैं और यह घटना सचेत करती है कि असहिष्णुता और कट्टरता हमारे समाज में अपना सिर उठा रही है । प्रदेश संयोजक अबोध ठाकुर, प्रदेश महिला अध्यक्ष रूबी कुमारी ने कहा कि सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून अविलंब बनाए तथा पत्रकार के सुरक्षा के लिए गंभीर होकर पत्रकारों को हित में कदम उठाए। पत्रकार के साथ कोई नहीं रहता लेकिन जब अनहोनी घटना घट जाती है तो सरकार भी कुछ रुपए का मुआवजा राशि देकर अपना मुंह बंद कर लेती है ।लेकिन आखिर कब तक चलेगा ।शीघ्र ही पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा जा रहा है।संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक श्री रमेश ठाकुर, शशिधर मेहता, प्रो0 डॉ जितेंद्र सिंह, राष्ट्रीय महासचिव कुमुद रंजन सिंह,प्रदेश मीडिया प्रभारी कुंजबिहारी शास्त्री ,संजय ‘विजित्वर’ ने इस घटना को लेकर दुख जताया और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यह घटना निंदनीय है ।आए दिन पत्रकारों पर हमला हो रहा है जो दुर्भाग्य है । यह सरकार को सोचना चाहिए पत्रकार के साथ सुरक्षा नहीं है । सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून अविलंब बनाए तथा पत्रकार के सुरक्षा के लिए गंभीर होकर पत्रकारों को हित में कदम उठाए। पत्रकार संजय राजा ने कहा कि पत्रकार के साथ कोई नहीं रहता लेकिन जब अनहोनी घटना घट जाती है तो सरकार भी कुछ रुपए का मुआवजा राशि देकर अपना मुंह बंद कर लेती है । लेकिन आखिर कब तक चलेगा । पत्रकार सुनील जख्मी ने भी पत्रकारों के साथ हो रहे घटना की निंदा किया


