
संवाददाता जामताड़ा


पुलिस वाले ने ही साथी पुलिस कर्मी को ४ लाख क चपत लगा दिया. पीड़ित ने जब अपने पैसे मांगे तो गाली गलौज कर भगा दिया साथ ही झूठे केश में फ़साने की धमकी भी दे डाली. पीड़ित पुलिस कर्मी रामचंद्र केरकेट्टा वर्तमान में एसपी का अंगरक्षक है. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है की जामताड़ा जिला में जब पुलिस वाले ही अपने साथी पुलिसकर्मी से महफूज नहीं है तो आम जनता कितना सुरक्षित हो सकती है. अंगरक्षक रामचंद्र को कोर्ट का सहारा लेना पड़ा प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए. आरोपी पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई.
जामताड़ा थाना कांड संख्या २३/१५ के नामजद आरोपी विप्लव कुमार आर्या व उसकी पत्नी राजकुमारी दोनों जामताड़ा जिला पुलिस में पदस्थापित है. दोनों ने अपने सहयोगी रामचंद्र केरकेट्टा से ४ लाख रुपये उधार लिए. पैसे की अदायगी चेक एवं एटीएम के द्वारा की गई थी. जब रामचंद्र ने पैसे वापस मांगे तो दोनों ने देने से इंकार कर दिया. पीड़ित की ओर से जब दबाव बनाया जाने लगा तो आरोपी दम्पति एवं एक अन्य अभियुक्त सूरज कुमार मिर्धा ने पीड़ित को गली गलौज कर धमकी देकर भगा दिया.
घटना की जानकारी तत्कालीन एसपी को दी गई लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ. अंततः पीड़ित ने कोर्ट क दरवाजा खटखटाया तब जाकर प्राथमिकी दर्ज हुई लेकिन ३ माह बीतने के बाद ची कोई कार्रवाई नहीं हुई है. इस सन्दर्भ में एसपी कुसुम पुनिया ने बताया की डीएसपी हेड क्वार्टर को जांच क आदेश दिया गया है रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी.

