जमशेदपुर-700 एमआर रहे हड़ताल पर, डीसी कार्यालय पर दिया ध्रना

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जमशेदपुर। बुध्वार को देशभर के लगभग 4 लाख बिक्रय प्रोत्साहन कर्मचारी जो आमतौर पर मेडिकल और बिक्रय प्रतिनिध्यिों के रूप में परिचित हैं, अपनी अखिल भारतीय महासंघ ‘पफएमआरआई’ के आहवान पर एक दिन की हड़ताल पर हैं। जमशेदपुर में भी लगभग 700 कर्मचारियों उनके राज्य स्तरीय संगठन बीएसएसआर यूनियन के बैनर तले इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल हुए हैं। यूनियन की अनुसार बिक्रय प्रोत्साहन कर्मचारियों के 25 सूत्राी लंबित मांगो पर केंद्र तथा राज्य सरकारों एबं नियोक्ताओं के उदासीन रवैया के कारण ही महासंघ इस हड़ताल की आहवान देने के लिए मजबूर हुआ हैं। जनता के लिए चिकित्सा संबंध्ति मांगों तथा पुनर्गठित औद्योगिक त्रिपक्षीय समिति की लंबित बैठक अबिलंब बुलाना, काम की वैधनिक नियमवली की गठन तथा औद्योगिक विवाद अध्निियम के तमाम प्रावधनों को विस्तार, प्रवर्तन एबं उसे लागू करने के साथ साथ कानून तोड़ने के स्थिति में नियोक्ताओं के खिलापफ कड़े दंडात्मक कार्रवाई की प्रावधन आदि केन्द्रीय सरकार के समक्ष मुख्य मांगें हैं। जनता के लिए चिकित्सा संबंध्ति प्रमुख मांगों में, सार्वजनिक क्षेत्रा की दवा और टीका इकाइयों को पुनर्जीवित करना, आवश्यक दवाओं की कीमत मौजूदा बाजार आधरित की बजाय न्यूनतम मुनापफा आधरित करना, उत्पाद शुल्क की निर्धरन मौजूदा एमआरपी आधरित की बजाय लागत आधरित करना तथा आवश्यक दवाओं को कर-मुक्त करने के साथ ही कंपनियों द्वारा अनुचित और अनैतिक व्यापार बंद करना और इस संबंध् में न्यायिक जांच का गठन, औषध् िऔर प्रसाध्न सामग्री अध्निियम 1940 के उल्लंघन कर दवाओं की आॅनलाइन बिक्री बंद करना जैसी मांगे शामिल हैं। यूनियन ने देश के पफार्मा उद्योग की आत्म निर्भरता के लिए डबल्यूटीओ के दबाब मेँ भविष्य में भारतीय पेटेंट अध्निियम 2005 में कोई भी संशोध्न नहीं करना, दवा के क्षेत्रा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर सम्पूर्ण रोक एबं अमेरिकी खाद्य एवं औषध् िप्रशासन की भारत स्थित कार्यालयों की हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की हैं। यूनियन ने राज्य सरकार से, बिक्रय प्रोत्साहन कर्मचारियों के लिए, कानूनी तौर पर परिभाषित कार्यक्षेत्रों में काम करने के लिए निरंकुश अध्किार, न्यूनतम मजदूरी 15 हजार रुपये, काम का घंटे की समय-अनुसूची का प्रवर्तन, कर्मचारी भविष्य निध्,ि कर्मचारी राज्य बीमा अध्निियम के लाभ सभी बिक्रय प्रोत्साहन कर्मचारियों के लिए सुनिश्चित करना तथा कानून उल्लंघनकारी प्रबन्ध्को को सजा देने की माँग की हैं। यूनियन ने नियोक्ताओं से कानूनासर नियुक्ति पत्रा देना तथा शिकायत समिति का गठन एबं ‘बिक्री’ के साथ सेवा शर्तों का जोड़ना एवं अत्यचार, एवं स्वाभाविक न्याय के नियमों का घोर-उल्लंघन कर, इलेक्ट्राॅनिक रिपोर्टिंग प्रणाली संबंध्ति उत्पीड़न एव्ंा दंडात्मक कार्रवाई जो अनुचित श्रम अभ्यास करने के समान है, अबिलंब बंद करने की माँग की है।

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