जमशेदपुर-विहिप के बंद के दौरान मानगों में जम कर बंद समर्थकों ने काटा बवाल

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सिटी एसपी समेत कई पुलिसकर्मी व बंद समर्थक घायल

बंद के दौरान पुलिस ने जम कर लाठियां भांजी, आसू गैसे के गोले छोड़े, हवाई फायरिंग भी की

 

जमशेदपुरः सोमवार की रात्रि से मानगो के दो समुदायों के बीच चल रहे विवाद मंगलवार को भी नहीं थमा. विहिप ने कल की घटना को लेकर जमशेदपुर बंद का आह्नान किया था. सुबह-सुबह बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये थे तथा उत्पात मचाने लगे थे. जबरन दुकानें बंद कराने लगे तथा एक समुदाय विशेष को टारगेट कर दुकानों में तोड़फोड़ शुरू कर दिया. उधर पुलिस भी मुस्तैद थी. बंद को देखते हुए तथा सोमवार की रात्रि में हुए बवाल को ध्यान में रख कर धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी ने रात मे ही  धारा 144 निषेधाज्ञा लागू कर दी थी. साथ ही पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी थी. सुबह में चप्पे-चप्पे में पुलिस दिख रही थी. मानगो का पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया था.

सुबह-सुबह बंद समर्थक मानगो बड़ा हनुमान मंदिर के समीप जुटने लगे थे. साथ ही आस-पास की दुकानों को बंद कराने लगे. इस बीच जो बड़ी गाड़ियां शहर में प्रवेश कर रही थी,  उस पर बंद समर्थक पथराव करने लगे, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गयी. इस बीच जगह-जगह टायर जला कर सड़क का आवागमन बाधित कर दिया. मानगो पुल (जेपी सेतु) दोनों ओर पुलिस बल की तैनाती के बावजूद बंद समर्थक उत्पात मचाते रहे. बंद समर्थकों के उत्पात को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक अनूप टी मैथ्यू स्वयं मोरचा संभाल लिया. उसके बाद बंद समर्थकों को खदेड़ना शुरू कर दिया. इससे नाराज बंद समर्थकों ने जिला प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें सिटी एसपी चंदन कुमार झा समेत कई पुलिस के जवान घायल हो गये. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने सीआरपीएफ की बटालियन को बुलवा लिया. इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसु गैस के गोले भी दागे. इस पर भी बंद समर्थक नहीं माने और उत्पात जारी रखा. कभी बड़ा हनुमान मंदिर की ओर खदेड़ा-खदेड़ी होती थी, तो कभी डिमना रोड में खदेड़ा-खदेड़ी होती थी. दिन भर यह मामला चलता रहा.

बंद समर्थक लाठी, तलवार समेत अन्य हरवे-हथियार से पूरी तरह से लैस थे. साथ ही लगातार पुलिस पर पत्थरबाजी कर रहे थे. इतना ही नहीं बंद समर्थक शांति समिति के सदस्यों के अनुरोध को भी ठुकरा रहे थे और अपनी मनमानी पर उतारू थे.

हालात बिगड़ती देख पुलिस की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा करायी गयी कि बंद समर्थक वापस लौट जाये, क्योंकि धारा 144 लागू है. अगर वे नहीं मानेंगे, तो मजबूरन पुलिस बल का प्रयोग करना पड़ेगा. इस पर भी बंद समर्थकों पर कोई असर नहीं हो रहा था. वे पत्थरबाजी व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे.

स्थिति को नियंत्रण करने के लिए जिले का सारा पुलिस महकमा उतरा हुआ था. एसएसपी, सिटी व ग्रामीण एसपी, एसडीओ, डीपीआरओ, जिले के सभी डीएसपी, ट्रैफिक डीएसपी. थाना प्रभारी सभी पुलिस पदाधिकारियों ने अपने-अपने स्तर से मोरचा संभाल रखा था, लेकिन बंद समर्थक अपनी मनमानी पर उतारू थे.

बंद  समर्थकों व पुलिस के जवानों के बीच खीचतान भी हुई

बंद के दौरान बंद  समर्थकों व पुलिस के जवानों के बीच खीचतान भी हुई. जब भी किसी बंद समर्थक को पुलिस के जवान पकड़ते थे, उसे जबरन खीच कर पुलिस से बंद समर्थक छुड़ा लेते थे. हालांकि बाद में एसएसपी के कठोर निर्णय के बाद कई बंद समर्थक को गिरफ्तार कर वज्रवाहन में भर कर वहां से भेजा गया. समाचार लिखे जाने तक पुलिस व बंद समर्थकों के बीच चहेटा-चहेटी का सिलसिला जारी था.

कोल्हान के डीआइजी मौके पर पहुंचे

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोल्हान प्रमंडल के डीआइजी आरके धान भी मानगो पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. साथ ही कमान अपने हाथ में ले लिया.

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