
कृष्णेंदु घोष,बहरागोड़ा:


आज़ादी के बहुत पहले से ही बहरागोड़ा प्रखंड शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है. देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में इस इलाके के छात्र छात्राएं परचम लहराते रहे हैं. इस प्रखंड में राज्य केसबसे ज़्यादा प्राथमिक, मध्य एवं उच्च-विद्यालय है, लेकिन इन दिनों बहरागोड़ा छेत्र में नवयुवकों के बीच ड्रग्स का प्रचलन शुरू हो गया है जो गंभीर चिंता का विषय है. बहरागोड़ा छेत्र में नवयुवकों के बीच ड्रग्स के प्रचलन अगर रोका नहीं गया तो बहरागोड़ा के भविष्य अंधकारमय हो जाएगा. ड्रग्स के कारण दर्जनों होनहार नवयुवकों का भविष्य अंधकारमय हो गया है. अपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गए हैं. कई युवक गंभीर रूप से बीमार हैं तो कई मानसिक संतुलन खो बैठे हैं. जिन लोगों का इलाज़ प.बंगाल, ओडिशा एवं झारखंड के एंटी-ड्रग्स एडिक्शन केन्द्रों में चल रहा है. बहरागोड़ा सदर के साथ-साथ कुछ गाँव में भी प्रतिबंधित दवाएं, चरस, अफीम एवं हेरोइन आसानी से मिल जाते हैं. बिश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है की झारखंड सीमा से सटे झारपोखरिया से बहरागोड़ा में ड्रग्स पहुँच रही है. झारपोखरिया में विभिन्न प्रदेशों से छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं, उनमे से कुछ ने ड्रग्स का इस्तेमाल शुरू किया. उन लोगों की देखा-देखी स्थानीय नवयुवकों द्वारा भी इसका इस्तमाल शुरू किया जिसके प्रभाव से बहरागोड़ा भी अछुता नहीं रहा. बहरागोड़ा के परित्यतक्त भवन जैसे पीडब्लूडी, डाकबंगला एवं क्वार्टर, ज़िला परिषद्, बस स्टैंड, विद्यामंदिर रोड, आइटीआइ भवन, अस्पताल के निर्माणाधीन भवन एवं क्वार्टर, थाना के पीछे मिडिल स्कूल मैदान, फायर ब्रिगेड रोड, डूंगरी शिव मंदिर के आस-पास शाम ढलते जी नशेड़ियों का जमावड़ा शुरू हो जाता है. नवयुवकों के बीच ड्रग्स का बढ़ता इस्तेमाल बहरागोड़ा के भविष्य के सामने चुनौती बन गयी है. राजनैतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षा प्रेमियों को ड्रग्स के विरूद्ध जागरूकता अभियान चलाना होगा, इसमें उच्चविद्यालयों, कॉलेज, स्वाश्थ्य विभाग एवं पुलिस प्रशाशन को संयुक्त रूप से अभियान चलाना होगा.

