जमशेदपऱ।
मुख्यमंत्री रघुवर दास के द्वारा झारखंड राज्य जे एम एम मुक्त राज्य होगा दिया जाने वाला बयान राजनितीक रंग ले लिया है। इस बयान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने काफी गंभीरता से ले लिया है। इस बयान पर अपनी प्रतिक्रीया देते हुए जे एम एम के बहारागोड़ा के विधायक कुणाल षाडंगी ने कहा कि इस प्रकार का बयान देना झारखंड के मुखिया को सौभा नही देता है।उन्होने कहा कि इससे अच्छा होता कि वे बोलते कि झारखंड भष्ट्राचार मुक्त होगा लेकिन ऐसा उन्होने नही कहा । झाऱखंड भष्ट्राचार चरम सीमा है जो अफसर यहां ईमानदारी से काम करते है उसका विभाग बदल दिया जाता है। अभी इसका जीता जागता उदाहरण सचिव एस जी राहाटे को उनके विभाग से हटाना। उन्होंने अडानी का फाईल में हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था इसका नतीजा यह हुआ कि उन्हे उस विभाग से हटा दिया गया यही कहा जाए कि रहाटे को अडाणी के दबाब मे हटाया गया। उन्होने कहा कि ऐसा न हो जे एम एम की जगह भाजपा राज्य मुक्त हो जाए।
डोबा के निर्माण के नाम पर हो रहा भारी ग़ड़बड़ी- चंपई सोरेन
जे एम एम के वरिष्ट नेता सह सरायकेला के विधायक चंपाई सोरेन ने कहा कि सरकार डोबा बनाने के नाम पर काफी भष्ट्राचार हो रहा है। उन्होने कहा कि डोबा बनाने में जे सी बी उपयोग करने पर 8000 से 10 000 हजार खर्च होते है । लेकिन सरकार इसे बनाने मे 25_26 हजार खर्च करा रही है जिसका जे एम एम इ विरोध करती है और इस मामले को लेकर अगामी विधान सभा के मानसून सत्र में उठाया जाएगा और इसकी जांच की माँग की जाएगी । क्योकि डोबा बनाने के नाम पर काफी लुट खसोट हो रहा है।
जनजागरण अभियान 30 जुन से
खरसांवा विघायक दशरथ गागराई ने कहा कि 30 जुन को सिन्हु कान्हु दिवस के अवसर पर जन जागरण रथ निकाला जाएगा राज्य मे गांव गांव तक जाकर जनता को झारखंड सरकार के सच से अवगत करायेगा कि किस प्रकार वर्तमान सरकार गरीबो का मजाक उड़ा रही है। अतिक्रमण के नाम पर गरीबो का घर उजाड़ रही है। ये सरकार गरीबो की नही बल्की अमीरो की सरकार है।
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