
जमशेदपुर।
आईजी नवीन कुमार सिंह बुधवार देर शाम शहर पहुंचे। बारीडीह पटेल जयंती पर आयोजित कार्यक्रम और मार्चपास्ट में शामिल होने के बाद सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचे। यहां वहां ने कार्यालय का निरीक्षण किया। सिटी एसपी चैंबर, सभी डीएसपी के चैंबर, ग्रामीण एसपी का चैंबर, एसएसपी का चैंबर और पूरे भवन के किए गए रंग रोगण व व्यवस्था को देखा। केस स्टडी पर एसएसपी और सिटी एसपी से बात की। दो घंटे के निरीक्षण के बाद उन्होंने पत्रकारों से औपचारिक मुलाकात के दौरान कहा कि वे जिला पुलिस के कार्य से संतुष्ट है। क्राइम कंट्रोल का मामला हो या केस अनुसंधान इसमें जिला पुलिस बेहतर काम कर रही है। उन्होंने हावड़ा की युवती के साथ शहर में दुष्कर्म की घटना को सबसे पेचीदा व ब्लाइंड केस बताते हुए कहा कि इसमें पुलिस को कामयाबी मिली है जिसका खुलासा जल्द होगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई सूत्र कड़ी नहीं जुड़ रही थी। छोटी छोटी बिंदू को जिला पुलिस ने जोड़ा और मानगो, बिष्टुपुर के मॉल से लेकर टाटानगर स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। इसी दौरान कुछ चीजें सामने आई और आरोपी पकड़ में आ गए। इस मामले को लेकर पुलिस गुरुवार या शुक्रवार को खुलासा कर सकती है।


दुष्कर्म मामले में 60 दिन में चार्जशीट और 120 दिन में परिणाम लाने की बात कही :
आईजी नवीन कुमार ने जिला पुलिस को निर्देश दिया है कि दुष्कर्म जैसे मामले में 60 दिन के अंदर सारे अनुसंधान करते हुए चार्जशीट प्रस्तुत करते हुए केस ट्रायल शुरू करा देने की बात कही है। साथ उन्होंने कहा है कि अगले 60 दिन यानी केस दर्ज होने के 120 दिन के अंदर मामले में फैसला आ जाए यह हा संभव करना है। उन्होंने राज्य व शहर में दुष्कर्म खासकर बच्चियों के साथ हो रहे एेसे मामले को भी गंभीरता से लिया है।
सामाजिक जागरूकता और बिट पुलिसिंग पर होगा जोर :
सोसायटी में पुलिस की पकड़ मजबूत बनाने, पुलिस व कानून के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। पुलिस और आम लोगों में बढ़ती दूरी के समाधान पर भी उन्होंने चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिट पुलिसिंग पर बेहतर तरीके से काम किया जाएगा। समाज में हो रही घटना खासकर बच्चियों के साथ हो रहे कुकृत्य से उन्होंने चिंता जाहिर की। कहा कि इसके लिए समाज के लाेगाें को भी सामने आना होगा। ताकि ऐसे मामले में अंकुश लग सके।
मजबूत होगा साइबर क्राइम कंट्रोल, खुलेगा फारेंसिक लैब :
बढ़ रहे साइबर क्राइम को लेकर उन्होंने कहा कि शहर में साइबर थाना खुल चुका है। तकनीकी सुविधा भी उपलब्ध है जो कमी है उसे भी पूरी की जाएगी। साथ उन्होंने कहा साइबर क्राइम का मामला पीड़ित अपने स्थानीय थाना में भी दर्ज करा सकते हैं। अगर वे सीधे साइबर थाना भी आते हैं, तो उनकी शिकायत ली जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 7 साइबर थाना है। अन्य जगहों पर साइबर और आईटी सेल काम कर रहा है। इसके अलावा बहुत जल्द रांची में साइबर फॉरेंसिक लैब भी स्थापित किया जाएगा, ताकि केस अनुसंधान जल्द से जल्द हो। अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम के मामले में उन्होंने बताया कि इसको लेकर भी राज्य पुलिस काम कर रही है। दूसरे राज्य और देश से भी पुलिस संपर्क में रहती है। कुछ बड़ी इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी पुलिस कंट्रोल या सरकार के कंट्रोल में नहीं है। ऐसे साइट से क्राइम होने के बाद अनुसंधान में थोड़ी समस्या को भी उन्होंने बताया।
30 लाख से ज्यादा वाले अपराधियों की जब्त होगी संपत्ति :
आईजी ने बताया कि साइबर अपराधियों को कमजोर करने और अंकुश लगाने के लिए ईडी विभाग को भी शामिल किया गया है। ईडी को साइबर अपराधियों की संपत्ति का आकलन कर उसे जब्त करने के लिए शामिल किया गया है। आईजी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि 30 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी करने या रुपए रखे साइबर अपराधियों की संपत्ति को जब्त किया जाएगा। जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसे 10 साइबर ठग की सूची बनाई गई है इसमें तीन की संपत्ति जब्त करने की तैयारी कर ली गई है। ये सभी जामताड़ा, देवघर से जुड़े

