जमशेदपुर-जनता की हित मे है तो शराब बंदी हो झारखंड मे—सुदेश महतो

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जमशेदपुर।

झारखंड मे शराब बंदी का मामला दिन पर दिन राजनिती रंग लेने लगा है। इस मामले को लेकर अब आजसू ने भी दुसरे दलो की तरह झारखंड मे शराब बंदी के पक्ष मे है हालाकि वे इस मामले को लेकर अंदोलन करेगी की नही इस पर विचार अभी तक स्पष्ट नही है। शनिवार को जमशेदपुर के परिसदन मे संवाददाता सम्मेलन के दौरान आजसु के अध्यक्ष सुदेश महतो ने शराब बंदी पर पुछे गए सवाल के जबाब मे उन्होने कहा कि शराब कोई अच्छी चीज नही है।अगर शराब प्रतिबंध समाज के हित मे है तो उस पर प्रतिबंध होना चाहिए। सरकार को इस पर विचार किया जाना चाहिए।

समर्थन वापसी पर कोई विचार नही है

झारखंड के वर्तमान सरकार से  समर्थन वापसी पर के सवाल पर उन्होने कहा कि  पार्टी के द्वारा फिलहाल एसी कोई  विचार नही है। उन्होने कहा कि इस सर्दभ मे एकसमाचार पत्र मे एक रिर्पोट छापा था जो कि बिल्कुल गलत था।और सत्य से पड़े है।  उन्होने कहा कि : हमलोगों सरकार का सहयोगी दल है पर सरकार के कामकाज पर हमारा संतूष्ट होना या नहोना कोई मायने नही रखता। पर जनता का संतुष्टि ज्यादा जरूरी है।क्योकि उन्होंने ही बहुमत की सरकार को चुना है।

स्थानिय निति पर हमने लिखित सुझाव दिया है

स्थानिय निति  पर उन्होने कहा कि स्थानीय निति के मुद्दों पर हमने सरकार को अपना सुझाव लिखित दिया है।और उस पर सरकार गौर भी कर रही है। उन्होने कहा कि इसका उदाहरण यह है कि झांरखड पब्लिक सर्विस कमीशन मे पिछली सरकार ने क्षेत्रीय भाषा को हटा दिया था लेकिन मेरे द्रारा सुझाव दिये जाने के बाद रघूवर सरकार ने फिर से उसे शामील कर दिया।

सरकार और जनता  का सेतू है आजसू

सुदेश महतो ने  कहा कि हम जनता और सरकार के बीच ब्रिज का काम कर रहे है।राज्य और जनता के हित मे सरकार के द्वारा किए गए कार्यों का समर्थन करते है।साथ ही साथ जनता की समस्या का हल निकल सरकार जल्द से जल्द निकले ।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रशन चिन्ह लगाया

सरकार के द्वारा एक करोड़ वृक्षा रोपण करने का समर्थन करते हुए उन्होंने ने कहा हाल के दो घटनाओं को तोपचाची मे पुलिस स्टेशन मे आत्महत्या करना और बुडू में पुलिस कस्टडी मे एक बच्चे की मौत पुलिस की कार्य शैली पर प्रशनचिन्ह लगता है।

सीडी प्रकरण होने से राज्य की छवि खराब हुई है

सीडी के मामले मे उन्होंने कहा हर चुनाव के बाद इस प्रकार की बातें सामने आती है इससे झारखंड की छवि को बिगड़ता है राजनिती माहौल दुषित करता है।यदि इस मामले को उठाना ही था तो सही मंच पर उतारना चाहिए था ताकि इसका सही तरीका से जांच होता और दोषियो के बीच कार्रवाई हो सके।

 

 

 

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