
जमशेदपुर।

पूर्वी सिहभुम जिले के एस एस पी कार्यलय का गेट अब इतिहास बन गया है। करीब चालीस सालो से इस गेट से पुलिस पदाधिकारी स्थानिय लोग आना जाना करते थे। लेकिन अब इस गेट को बंद कर दिया गया है। वही अब नए गेट सड़क की ओर खोल दिया गया है। पुराने गेट के पास पुरी तरह दिवाल देकर बंद कर दिया गया है। अब लोगो को एस एस पी कार्यलय मुख्य सड़क पर बने गेट के अंदर से आना जाना होगा।
पहली बार 2010 मे बदला मुख्य द्वारा मे बदला गया होर्डिंग
जमशेदपुर एस एस पी कार्यलय का मुख्यद्रार का गेट पर पहली बार 22 अप्रैल 2010 को बदला गया था। जब इस कार्यलय का नाम एस पी ऑफीस बदल कर एस एस पी किया गया।जिले के अंतिम आऱक्षी अधिक्षक जमशेदपुर के नवीन सिह बने थे। लेकिन जमशेदपुर वरीय आऱक्षी-अधिक्षक का पद सृजित होने के बाद पहले वरीय आरक्षी अधिक्षक बनने का गौरव भी नवीन सिंह को मिला है, और 22 अप्रैल 2010 से मुख्यद्रार का गेट कार्यलय के आरक्षी अधीक्षक जगह वरीय आरक्षी –अधिक्षक कार्यलय का बोर्ड लगाया गया।
वैसे जमशेदपुर मे आई पी एस रैक के अधिकारी 1933 से बैठते रहे है।लेकिन उन्हे उस वक्त आई पी कहां जाता हैं।उस वक्त जमशेदपुर जिला भी नही बना था। यहां पर पहले आई पी पी के मीटर बने थे।जबकि पहले आई पी एस ए पी मिश्रा थे जो 16जनवरी 1950 में पदभार ग्रहण किए थे।
तीन तीन आई पी एस रैंक के अधिकारी बैठते यहां
इस कार्यालय में तीन तीन आई पी एस स्तर के अधिकारी बैठते है। पहले एस एस पी, एस पी (सिटी), और एस पी(ग्रामीण) का कार्यलय है। इसके अलावे ए एस पी (अभियान),दो –दो डी एस पी का भी कार्यलय यही पर है।
काफी कुछ बदलाव हुआ एस एस पी कार्यलय
यही नही गेट के अलावे एस एस पी कार्यलय में काफी कुछ बदलाव किया गया है। एस एस पी कार्यलय मे एक वातानुकूलित कॉफ्रेस हॉल का निर्माण किया गया है। पहले क्राफ्रेस हॉल का नही होने के कारण एस एस पी को किसी भी प्रकार की बैठक करने के लिए उपायुक्त कार्यलय का कॉफ्रेस हॉल उपयोग करना पड़ता था। जिससे काफी परेशानी होती थी। उसी को देखते हुए एक वातानुकूलित कॉफ्रेस हॉल का निर्माण किया गया है।यही नही एस एस पी कार्यलय मे तीन तीन आई पी एस रैक के अधिकारी बैठते थे। लेकिन उनकी गाड़ी रखने की कोई पार्किग व्यवस्था नही थी। उनके लिए एक पार्किग स्थल बनाया गया है। जिसमे एस एस पी , सिटी एस पी, ग्रामीण एस पी के अलावे ए एस पी (अभियान) के अलावे एक डी एस पी के गाड़ी पार्किग की जाती थी।एस एस पी के अलावे सिटी एस पी और ग्रामीण एस पी को कार्यलय को हाईटेक तरीके से सजाया गया है। जो देखने मे पुरी तरह कॉरपोरेट लूक लगता है। जिले के सभी थानो में आगतूको के साथ साथ पुलिस पदाधिकारी और कर्मियो के लिए नए फर्नीचर मांगए गए

