(गुलमोहर के 20 पौधे लगाये गए)
जमशेदपुर।
आर० वी० एस० काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलाॅजी परिसर में वन महोत्सव मनाया गया। महोत्सव का उद्द्याटन मुख्य अतिथि प्रभात कुमार (ग्रामीण आरक्षी अधिक्षक, पूर्वी सिंहभूम) एवं काॅलेज के सचिव श्री भरत सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के अलावा काॅलेज के निदेशक प्रो० (डाॅ) एम० पी० सिंह, प्राचार्य प्रो० डाॅ० आर० एन० गुप्ता, कोषाध्यक्ष श्री शत्रुघन सिंह, प्रो0 (डाॅ0) राजेश कुमार तिवारी, प्रो0 (डाॅ0) विक्रम शर्मा, प्रो० आर० पी० सिंह, प्रो० डाॅ० कल्पना महतो, प्रो० डाॅ० एस० पी० सिंह, प्रो० डाॅ० सुब्रतो महतो, प्रो0 सुशांत मोहन्ती श्री शिवाजी बोस, श्री आत्मा प्रसाद, श्री मोहित प्रसाद, श्री गौतम सिंह एवं एन० एस० एस० की टीम के सदस्यगण मौजूद थे। सबसे पहले समारोह में आए मुख्य अतिथि श्री प्रभात कुमार का स्वागत काॅलेज के सचिव श्री भरत सिंह ने शाॅल ओढ़ाकर किया। श्री प्रभात कुमार ने समारोह के उद्द्याटन पर मौजूद सभी गणमान्य अतिथियों एवं छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुझे गाँव से बहुत ज्यादा लगाव है, और हम सभी को गाँव से लगाव रखना चाहिए क्योंकि वृक्षों के महत्व को गाँव से जुड़े लोग अच्छी तरह समझते हैं। शहरों में नई इमारतों के निर्माण और उद्योगों के विकास के चक्कर में हम ये भूल जाते हैं कि जितने वृक्षों को हम काट देते हैं उतने वृक्ष हमें लगाने भी चाहिए। छात्र छात्राओं को खास कर उन्होंने कहा कि आप सभी को साल में एक पौधा लगाना ही है, नही ंतो हम सभी का विनाश निश्चित है। समारोह को समबोधित करते हुए काॅलेज के प्राचार्य ने कहा कि मैंने भी आम के तीन पेड़ बी० आई० टी० सिंदरी की आवास परिसर में लगाए हैं जिसमें अब फल भी आने लगे हैं। सचिव श्री भरत सिंह ने कहा कि हम सभी को प्रकृति के प्रति सजग एवं सचेत होनेे की जरूरत है हम जिस तरह भौतिक विकास की ओर अग्रसर है वो सभी बेकार हो जाएँगे जब पेड़ और पौधें नहीं रहेंगे। पर्यावरण की सुरक्षा हमारा कर्तव्य है हम सभी को पेड़ लगाने ही है क्योंकि जब हवा ही नहीं होगाी तो हम साँस कैसे लेंगे। यह महोत्सव आर वी एस के एन एस एस टीम के द्वारा संचालित की गई। काॅलेज परिसर में गुलमोहर के 20 पौधे लगाये गए। उपस्थित अतिथियों ने भी वृक्षारोपण में हिस्सा लिया। धन्यवाद ज्ञापन डाॅ सुधिर झा ने दिया। समारोह का संचालन एन एस एस के प्रोग्राम आॅफिसर डाॅ सुधिर झा एवं प्रो0 ए एन दŸाा ने दिया।



