गया-वरमाला मंडप में दुल्हन ने दी दहेज प्रथा एवं बेटी पढाओ बेटी बचाओ का संदेश

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ससुराल जाने के पूर्व अनाथाश्रम में जाकर अनाथ बच्चों के बीच मिठाई बाँट अपनी खुशियाँ की जाहिर !

वजीरगंज (गया )बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के आह्वान पर दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देने की क़दम को वजीरगंज के सेल्वे गाँव निवासी सह समाजसेवी डॉ नौलेश सिंह ने स्वागत योग्य एवं सराहनीय क़दम बताते हुए अपनी तृतीय पुत्री स्वीटी कुमारी के विवाह में जयमाला रस्म के दौरान गुरूवार को अपनी पुत्री के भाषण के माध्यम से समाज में दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देने का संदेश दिया है ।
इनकी तृतीय पुत्री स्वीटी कुमारी ने जयमाला रस्म के पूर्व अपने अभिभाषण के दौरान उपस्थित लोगों को संदेश दिया कि जिस प्रकार से नशाखोरी हमारे सभ्य समाज के लिए अभिशाप है वहीं दूसरी ओर दहेज का प्रचलन भी सभ्य समाज के लोगो के बीच भी एक कलंकित करने की कुरीति है ।इसे समाज से प्राथमिकता के साथ दूर किया जाना आवश्यक है ।आयॆ दिन लगभग सभी समाचारपत्रों में दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या के मामले प्रकाशित होते रहते हैं ,जो बहुत ही गम्भीर मामला है।ना जाने दहेज के चक्कर में अब तक कितने नवविवाहिता की हत्याएं होती रहती हैं ।इस मंच के माध्यम से मैं आग्रह करना चाहूंगी की हमारे बिहार के मुखिया नीतीश कुमार जी के द्वारा ये जोशराब बन्दी के बाद  दहेजबन्दी का क़दम उठाया है,लोगों को तहेदिल से स्वीकार करना चाहिए ।आज़ भी कई लड़कियाँ समाज निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करा रही हैं ।एक तरफ़ आई ए एस ,आई पी एस जैसे उच्च पदों पर आसीन होकर समाज निर्माण में लगी हैं ,वहीं दूसरी ओर कहीँ नवविवाहिता को रोज़ दहेज रूपी राक्षस के  प्रताड़ना से कुंठित होकर आत्महत्याएं कर रही हैं ।यदि शादी विवाह में दहेज प्रथा का प्रचलन बंद होता है तो माता पिता अपने बेटियों कोदहेज का पैसा जमा करने के बजाय उसके शिक्षा दीक्षा पर खुलकर खर्च कर पायेंगे ।वही शिक्षित लड़की पढ़ लिखकर दूसरे घरों में जायेगी तो वहां भी शिक्षा और सुसंस्कार का निर्माण होगा ।स्वीटी ने शादी के बाद यह निर्णय लिया की ससुराल जाने के पूर्व गया के एक अनाथाश्रम में जाकर अनाथ बच्चों के बीच मिठाई बांटकर एवं उसके साथ कुछ पल बिताकर अपने नये दाम्पत्य जीवन की शुरुआत करने का भी आह्वान किया ।इस दौरान स्वीटी ने कहा कि ऐसे बच्चों को शादी जैसे समारोह में शिरकत करने का मौका नहीँ मिल पाता है ।मैं और नये दम्पतियों से आग्रह करना चाहूंगी कि आप भी अनाथाश्रम में जाकर अनाथ बच्चों के बिच अपनी खुशियाँ बाँटे ताकि अनाथ बच्चे भी  प्रोत्साहित हो सके ।
शादी समारोह में इस अनोखी पहल पर क्षेत्र के लोग डॉ नौलेश सिंह को तहेदिल से प्रसंशा कर रहे हैं ।विदित हो की समाजसेवी डॉ नौलेश सिंह की सिर्फ चार पुत्रियां ही हैं ।इन्होंने अपने सभी पुत्रियों को बेटे की तरह पाला है ।
इनकी तृतीय पुत्री स्वीटी पूर्व से ही नेहरु युवा केन्द्र के माध्यम से जुड़कर एड्स उन्मूलन कार्यक्रम सहित अनेकों सामाजिक जागरुकता कार्यक्रम में लगी रही है ।डॉ नौलेश सिंह की तीसरी पुत्री का विवाह स्वीटी कुमारी का विवाह भगवानपुर ,सेवनन ,जहानाबाद निवासी राजकुमार सिंह के तृतीय पुत्र लक्ष्मण कुमार के साथ सम्पन्न हुई है ।
शादी समारोह सम्पन्न होने के बाद शुक्रवार को  विदाई के बाद नव दम्पतियों ने गया स्थित चाइल्ड लाइन जाकर अनाथ बच्चों के बीच मिठाई बाँटकर एवं उसके साथ कुछ पल बिताकर अपनी खुशियाँ जाहिर की एवं अपने नये जीवन की शुरुआत की ।
स्वीटी कुमारी के इस अनोखी पहल इसके जज्बे को सलाम ।

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