इको सेसंटिव जोन के विरोध् में 29 गांव के ग्रामीणो ने भरी हुंकार

 

ग्रामीणो के हित के लिए होगा जोरदार आन्दोलनः दिलीप महतो

संवाददाता,चांडिल,29 दिसबंर

सरायकेला-खरसांवा जिला के चाण्डिल प्रखंड अन्र्तगत शहरबेड़ा गांव के टोला टूईलुंग फुटबॉल मैदान में दलमा वन्यजीव आश्रयणी के अन्र्तगत सरकार द्वारा चांडिल, नीमडीह, पटमदा व बोड़ाम प्रखंड के 85 गांव को इको सेसंटिव जोन घोषित करने के विरोध् में सोमवार को दिलीप महतो के अध्यक्षता में 29 गांव के सैकड़ो प्रबुद्व नागरिकों की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर दिलीप महतो ने कहा कि सरकार ने ग्रामीणो को बेघर करने के साजिश रचा है। इस साजिश को किसी भी कीमत में सपफल होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उच्च पथ 33 इको सेसंटिव जोन के दायरे में आता है। सरकार पहले इस सड़क का स्थानान्तरण करें उसके बाद इको सेसंटिव जोन बनाने का काम करें। मानसिंह मार्डी ने कहा कि सरकार के विस्थापन विरोध्ी नीति यहां के आदिवासी-मुलवासी कभी सहन नहीं करेगी। उन्हांेने कहा कि जल, जंगल व जमीन हमारा है। पिफर सरकार हमें विस्थापित करने की गलत योजना क्यों बना रही है। सरकार की इस विस्थापन नीति का हम सभी जोरदार विरोध करेंगे। कृपाकर महतो ने कहा कि 85 गांव के लाखों लोगो के बेघर करने की साजिश के खिलापफ चरणबद्व रुप से आन्दोलन चलाया जायेगा। 29 गांवो के लोगो ने एक स्वर में हुंकार भरी कि जान देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे। ग्रामीणो की आगामी बैठक 5 जनवरी को ग्यारह बजे टूईलुंग पफुटबाॅल मैदान में होगी। इसी दिन आन्दोलन के लिए समिति का गठन किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्य रुप से जगदीश महतो, बासु प्रमाणिक, नरसिंह सरदार, गणेश बेसरा, युध्ष्ठििर सिंह, आनंद सिंह, मनोज कुमार महतो, मिठुन घोष, सुष्टिध्र सिंह, मनोहर हांसदा, अजय सिंह, आनंद गोराई आदि उपस्थित थे।

 

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