
चेन्नई, 9 मार्च। अगर आप हीरो इंडियन सुपर लीग के चौथे सीजन के सेमीफाइनल में खेल रही टीमों की आक्रमण शक्ति पर गौर करें तो पता चलेगा कि चेन्नयन एफसी किसी को नहीं डराती। सुपर मचान्स नाम से मशहूर इस टीम ने लीग चरण में सिर्फ 24 गोल किए। यह संख्या एफसी गोवा (42), बेंगलुरू एफसी (35) और एफसी पुणे सिटी (30) की तुलना में काफी कम है।


चेन्रई के अलावा गोवा, बेंगलुरू और पुणे सेमीफाइनल खेल रहे हैं। इन तीनों टीमों के पास चेन्नई से डरने की एक वजह है। चेन्नई के पास एेसे खिलाड़ी हैं, जो हर पोजीशन पर खेलते हुए गोल कर सकते हैं। सही मायने में इस सीजन में चेन्नई के लिए 11 अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए हैं। इस मामले में दूसरी टीमें कहीं नहीं ठहरतीं।
एफसी गोवा इस सीजन में अपने स्पेनिश जोड़ी-फेरान कोरोमिनास और मैनुएल लेंजारोते पर निर्भर ही है। इन दोनों ने 30 गोल किए हैं। इसी तरह पुणे की टीम मार्सेलिन्हो और एमिलियानो एल्फारो पर आश्रित रही है और बेंगलुरू एफसी मीकू और कप्तान सुनील छेत्री पर ही निर्भर रही है। लेकिन चेन्नई की टीम ने यह साबित किया है कि उसके पास कई एेसे खिलाड़ी हैं, जो मौका पड़ने पर आगे आकर टीम को जिताने में सफल रहे हैं।
जेजे लालपेल्खुवा एसा ही एक नाम है। जेजे एफसी गोवा के साथ शनिवार को होने वाले सेमीफाइनल मैच सेपहले कहते हैं-हमारे सभी खिलाड़ियों ने गोल किए हैं। अगर हमारे अटैकर अपने काम में सफल नहीं हो पा रहे होते हैं तो दूसरे स्थानों पर खेलने वाले खिलाड़ियों ने आकर अपना योगदान दिया है।-
जेजे ने कहा-हमारे लिए हेनरिक सेरेनो ने पुणे के खिलाफ विजयी गोल किया। इसी तरह धनपाल गणेश ने बेंगलुरू के खिलाफ जीत दिलाने वाला गोल किया। इसके अलावा इनिगो काल्डेरोन और मेलसन आल्वेस ने भी अपनी भूमिका से अलग काम किया है। इसी तरह रफाएल अगस्तो, रेने मिहेलिक, मोहम्मद रफी, ग्रेगोरी नेल्सन,फ्रांसिस फर्नांडिस और अनिरुद्ध थापा ने भी अहम क्षणों में क्लब के लिए गोल किए हैं।-
चेन्नई की टीम के इस विशेष गुण का सबसे बड़ा कारण यह है कि इसके खिलाड़ी फिट हैं और मानसिक तौर पर काफी मजबूत हैं। यह बात उन्हें दूसरी टीमों से अलग करती है। इस टीम का हर खिलाड़ी अलग भूमिका में फिट बैठता है और गोल करने के लिए आतुर रहता है।
जेजे ने कहा-जब रफाएल चोटिल थे, तब रेने ने आगे आकर शानदार खेल दिखाया। जब सेरेनो निलम्बित थे, तहब धनचंद्र सिंह ने उनकी कमी बखूबी पूरी की। हमारे पास अच्छा बेंच स्ट्रेंथ है और यह हमारी मजबूती है।-
चेन्नई के कोच जान ग्रगोरी मानते हैं कि उनके क्लब के पास एक शानदार मेडिकल स्टाफ है, जो टीम को हर वक्त फिट रखता है। बकौल ग्रेगोरी-हमारा मेडिकल स्टाफ शानदार है। हमारे स्पोटर्स साइंस के प्रमुख नियाल क्लार्क हैं, जो सबको फिट रखते हैं। मेरे पास अच्छा बेंच स्ट्रेंथ है और कई बार मुझे खिलाड़ियों के चयन को लेकर दिक्कत होती है।-
चेन्नई के पास 25 पंजीकृत खिलाड़ी हैं और कोच इनमें से 24 को इस सीजन में आजमा चुके हैं। सिर्फ तीसरे गोलकीपरप साहिन लाल मेलोली को इस सीजन में पदार्पण का मौका नहीं मिला है।
गोरी ने कहा-हम इन खिलाड़ियों के शरीर को हमेशा मानिटर करते हैं। हम जनते हैं कि हमारे खिलाड़ी किस हालात में हैं। हमें जब भी इन खिलाड़ियों को आराम देने का मौका मिला है, हमने उन्हें आराम दिया है।-मजेदार बात यह है कि चेन्नयन एफसी ने इस सीजन में अपने काफी सारे गोल अंतिम 15 मिनट में किए हैं। 24में से 11 गोल 75 मिनट के खेल के बाद आए हैं। इससे यह साबित होता है कि ग्रेगोरी की टीम लीग की बाकी टीमों में सबसे अधिक फिट है।
अब जबकि चेन्नई को एफसी गोवा के खिलाफ शनिवार को लीग के चौथे सीजन के दूसरे सेमीफाइनल का पहले दौर का मुकाबला खेलना है, ग्रेगोरी आत्मविश्वास से भरपूर नजर आते हैं। वह जानते हैं कि उनके पास एक एसी टीम है जो पूरे 90 मिनट तक मैदान पर अपनी ऊर्जा बनाए रख सकती है और साथ ही मैदान के हर कोने पर तैनात खिलाड़ी अपनी टीम के लिए गोल कर सकते हैं।

