
रांची।


मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में झारखंड का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल चेकोस्लोवाकिया और जापान की छह दिवसीय यात्रा पर आज रांची से रवाना हुआ। यह प्रतिनिधिमंडल आज देर रात नई दिल्ली से चेकोस्लोवाकिया की राजधानी के लिए प्रस्थान करेंगी। जापान के भारत स्थित राजदूत श्री केनजी हिरामात्सु ने दिल्ली स्थित जापान दूतावास में झारखंड के प्रतिनिधिमंडल को रात्रिभोज पर आमंत्रित किया
जापानी दूतावास में झारखण्ड के प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त श्री अमित खरे, स्थानिक आयुक्त श्री डी के तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, रियाडा के सचिव श्री सुनील कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के निजी सचिव श्री अंजन सरकार, मुख्यमंत्री के नई दिल्ली स्थित निजी सचिव श्री के पी बालियान, ईवाई के वाइस प्रेसिडेंट श्री प्रिय रंजन कुमार सिंह, ईवाई के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री वरुण अरोड़ा, टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट श्री सुनील भास्करन, जेसीपीसीपीएल के प्रबंध निदेशक सी वी शास्त्री सम्मिलित हैं। इस रात्रि भोज के दौरान झारखंड में निवेश और औद्योगिक प्रगति की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस रात्रि भोज में जापान की प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे जिनमें सोजतसु इंडिया(Sojitsu India), मित्सुई इंडिया(Mitsui India), मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज इंडिया (Mitsubishi Heavy Industries India), नेपाल स्टील एवं सुमितओमो मेटल्स इंडिया (Nippon Steel & Sumitomo Metals India and Sumitomo India), सुमितोमो इंडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे। रात्रि भोज पर चर्चा में जेट्रो(JETRO) इंडिया के चीफ डायरेक्टर जनरल श्री काजूआ नाकाजो (Mr. Kazuya Nakajo) भी उपस्थित थे। जेट्रो इंडिया जापान सरकार से संबंधित एक ऐसी संस्था है जो जापान तथा अन्य देशों के बीच निवेश एवं परस्पर व्यापार को बढ़ावा देने का कार्य करती है रात्रिभोज के दौरान झारखंड में निवेश को बढ़ावा देने तथा सरकार द्वारा किए जा रहे सर्वांगीण विकास के प्रयास पर चर्चा हुई।
जापान के राजदूत श्री केनजी हिरामात्सु ने यह विश्वास दिलाया कि जापान दूतावास एवं जापान सरकार झारखंड सरकार और इस प्रतिनिधिमंडल को हर संभव सहायता और सहयोग प्रदान करेगी साथ ही राज्य में जापानी निवेश को बढ़ावा देने का भी कार्य करेगी उन्होंने आश्वासन दिया कि जेट्रो, जेआईसीए (JICA) एवं अन्य जापान सरकार से संबंधित संस्थाएं निवेश को बढ़ावा देने संबंधी कार्यक्रम करेगी।

