
देवघर।


युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन संचालित भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशासक मंजूश्री दयानन्द द्वारा उपायुक्त के साथ कुमैठा में बन रहे स्पोटर््स काॅम्प्लेक्स का निरीक्षण किया गया। इन्हें जानकारी दी गई कि पूरा काॅम्प्लेक्स 22 एकड़ भूमि में अवस्थित है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व में इस परियोजना की प्राक्कलित राशि 1476.151 लाख रूपये थी; जिसे बाद में बढ़ाकर 1989.572 लाख रूपये कर दिया गया है।
प्रशासक द्वारा सर्वप्रथम एम्फी थियेटर का निरीक्षण कर इसकी उपयोगिता के संदर्भ में जानकारी प्राप्त की गई। इसके पश्चात फुटबाॅल स्टेडियम का अवलोकन कर इसके मानक क्षेत्रफल के संदर्भ में जानकारी प्राप्त कर आश्वस्त हुई। दर्शक गैलेरी की क्षमता से ये प्रषन्न नहीं हुई तथा इसकी क्षमता बढ़ाने की ओर ईशारा किया गया। फिर इनके द्वारा स्वीमिंग पुल का अवलोकन कर इसके भरने हेतु जल श्रोत की जानकारी प्राप्त की गई। साथ हीं इसमें जल बदलने में लगने वाली समय, इसके शोधन एवं क्लोरीफिकेशन के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
फिर बास्केटबाॅल कोर्ट का निरीक्षण कर इसे रूखड़ा रखने तथा इसके फिनिसिंग के संदर्भ में आवश्यक निदेश दिया गया। क्रमशः प्रशासक द्वारा बैडमिंटन एवं टेबुल टेनिस स्टेडियम का निरीक्षण किया गया तथा कोर्ट में लगे वूडन सर्फेस के नीचे डाले गये बाउंसिंग सिस्टम की जानकारी प्राप्त की गई तथा वूडन सर्फेस की असीमितता को दूर करने के संदर्भ में भी जानकारी प्राप्त की गई। इनके द्वारा सेड को बदलने का निदेश दिया गया तथा एल0ई0डी0 बल्ब रूफ पर लगाने कहा गया एवं पंखा का व्यवस्थापन इस प्रकार करने कहा गया कि कोर्ट में हवा न पहुँचे।
उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि पर्यटन, कला संस्कृति, खेल-कूद एवं युवा कार्य को एक विभाग में एकीकृत कर दिये जाने के कारण परिसर में एम्फी थियेटर, पार्क, भूल-भूलैया, आर्टिफिसियल रैंन सिस्टम आदि नजर आ रहा है।
इस पर प्रशासक ने खुशी जाहिर की तथा परियोजना को विस्तृत करने का निदेश दिया। इसके लिए बतलाया गया कि प्रशिक्षण की अवधि में प्रशिक्षुओं हेतु आवासन के लिए डोरमैट्री, कीचन आदि की व्यवस्था नहीं है; जिसकी व्यवस्था की जानी चाहिये। इन्होंने सुरक्षा हेतु छः वाॅच टाॅवर निर्माण करने का सुझाव दिया। साथ हीं सिविल, विद्युत, बागवानी, साफ-सफाई एवं जलापूर्ति व्यवस्था के लिए कर्मियों की स्थाई प्रतिनियुक्ति करने तथा इनके आवासन एवं शौचालय आदि के लिए अलग व्यवस्था करने का निदेश दिया गया। इनके द्वारा इसे एक मनोरंजक स्थल में परिणप्त करने हेतु एम्फी थियेटर हाॅल में फिल्म प्रदर्शन कराने का सुझाव दिया गया। साथ हीं इसकी व्यवस्था को आउटसोर्सिंग से इस प्रकार संचालित कराने का सुझाव दिया गया कि इसमें राजस्व के वृद्धि हो न कि सरकार पर अतिरिक्त राजस्व भार पड़े। प्रशासक द्वारा परियोजना को शीघ्र पूर्ण करने हेतु संवेदक को निदेशित किया गया तथा अतिरिक्त निर्माण को परियोजना में जोड़ने हेतु प्रस्ताव भेजने का निदेश दिया गया। बगल में बनने वाले फूड क्राफ्ट की जानकारी पर प्रशासक ने इसे काफी उपयुक्त बताया।

