
संवाददाता जामताड़ा


पूर्व स्पीकर और वर्तमान कृषि मंत्री का विधानसभा क्षेत्र अब कोयला व्यवसाय से जुड़े लोगों का अखाड़ा बन गया है. कोयला ढुलाई को लेकर जामताड़ा में राजनीती तेज हो गई है. १५ साल पुराने डम्फर को सड़क से हटाने का आदेश विभाग की ओर देने के बाद जिला प्रशासन ने इसे लागु करने का प्रयास तो किया लेकिन इसका परिणाम सड़क जाम और हंगामा शुरू हो गया. नाला के पूर्व विधायक के पहुँचते ही जामताड़ा दुमका मुख्य मार्ग पर पालोजोरी के समीप हंगामा तेज हो गया और पुलिस की मौजूदगी में आंदोलनकारियो ने हाईवा क्षतिग्रस्त किया और पुलिस मौन रही. जहाँ यह घटना घटी वह इलाका झारखंड के पूर्व स्पीकर और वर्तमान कृषि मंत्री का विधानसभा क्षेत्र है.
चितरा कोलियरी से अब तक डम्फरों से जामताड़ा रेलवे साइडिंग कोयला की ढुलाई होती थी. अधिकांश डम्फर जर्जर हो चुके है जिससे आये दिन दुर्घटना होती रहती थी. स्थानीय लोगों ने कई बार वैसे डम्फरों के परिचालन रोकने की मांग जिला प्रशासन से की थी. सरकार और प्रशासन ने न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद जर्जर वाहनों को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की. लेकिन इस पर राजनीती गरम होने लगा.
अब यह राजनीती इतनी तेज हो गई है की डम्फर की जगह इस्तेमाल होने वाले हाईवा को डम्फर से जुड़े लोगों ने रोक दिया. आंदोलन शुरू हुआ और हाईवा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. जामताड़ा और देवघर जिला के प्रशासन के लिए यह सर दर्द बन गया है. पुलिस के मौजूदगी में लोगों ने कानो हाथ में लिया और वहां क्षतिग्रस्त कर दिया गया. लोगों के दवाव में प्रशासन को पीछे हटना पड़ा.

