
संतोष कुमार
जी हां पिछले दिनों शहर में जो हालात उत्पन्न हुए उस दौरान लगभग 2500 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ. शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, परिवहन आदि में करीब 200 से 300 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा शहर को. लम्बी दूरी के बसों व ट्रकों के नहीं चलने से करीब 2 से 3 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ. टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टिनप्लेट, टाटा कमिंस, तार कंपनी, टाट हिताची समेत आदित्यपुर की छोटे व मंझोले उद्योगों को करीब 1000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा. इतना ही नहीं रेलवे को भी करीब 20 लाख का नुकसान करा गये कुछ अमन के दुश्मन. जिला प्रशासन द्वारा मामले का उद्भेदन करने के बाद किसी को यकीन ही नहीं हो रहा कि इस पूरे घटनाक्रम के जिम्मेवार गैंगवार है. खैर अब धीरे धीरे शहर अमन की राह पर लौट रहा है. लेकिन हमें सबक लेनी होगी एसे घटनाक्रमों से. क्या नहीं हुआ इस पूरे घटनाक्रम में लोगों के चैन छीने गए, आपसी सौहाद्र पर हमले हुए. कुछ बेगुनाह भी पिटे गये, कई पुलिस पदाधिकारी घायल हुए. बस दो गुटों की लड़ाई ने पूरे शहर का चैन छीन लिया. क्या अमीर क्या गरीब सभी सहमे सहमे से नजर आ रहे थे. खैर जिला प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद शहरवासियों के बीच अमन कायम करने में सफलता हासिल की है जिसे हर जमशेदपुर वासियों को अपना दायित्व समझकर निभाना होगा. हालांकि अभी असल जंग की शुरूआत बाकी है, वो जंग है रानीतिक बयानबाजी का. एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का शहरवासियों को इस जंग में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है.

