
जमशेदपुर।
सरकार के द्वारा बनाई गई स्थानिय नीति पुरी तरह से झारखंड राज्य निर्माण के आन्दोलन और राज्य गठन के उद्देश्य के विपरीत है। भाजपा नीत राज्य सरकार की स्थानीयता नीति से झारखंडी अस्मिता और पहचान खतरे मे पड़ गई है। उन्होने साफ तौर पर कहा कि राज्य सरकार वर्तमान आरक्षण नीति को रद्द करते हुए खातियान के आधार मानते हुए झारखंड की स्थानीय नीति बनाई जाए। उक्त बाते जमशेदपुर के उपायुक्त कार्यलय में सरकार के जनविरोधी नीति के खिलाफ हुए जे एम एम के द्वारा प्रदर्शन के राज्य सरकार की जनविरोधी नीति के खिलाफ JMM का जोरदार प्रदर्शन के दौरान दौरान केन्द्रीय महासचिव सह सरायकेला के विधायक चंपाई सोरेन ने कही। उन्होने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी मूलवासी विरोधी के साथ साथ सर्वजाती का विरोधी भी है। ये सरकार पिछले तीन वर्षो मे ऐसा कोई काम नही किया जिससे लोग इसका नाम ले ।


वही जिला अध्यक्ष रामदास सोरेन कहा कि राज्यसरकरा अभी तक गरीबो के हित के लिए कोई भी कार्य नही की है। झारखंड राज्य के छोटानागपुर क्षेत्र में लागू( छोटानागपुर कश्तकारी अधिनियम) के बावजूद आदिवासियो की रैयती भूमी गैर आदिवासियो द्वारा अवैध रुप से हस्तांतरित की गई है। जिसमें कई मामलो में नियमानुसार सक्षम न्यायालय द्वारा आदिवासी रैयतो के पक्ष मे फैसला देते हुए दखल-दिहानी का आदेश पारित है। लेकिन कई वर्षो के बाद भी रैयतो को अपनी जमीन नही मिल पाया है। ऐ सरकार सिर्फ ओधोगपतियो के हित में काम कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान केन्द्रीय महासचिव सह सरायकेला के विधायक चंपाई सोरेन,केन्द्रीय प्रवक्ता कुणाल षाडंगी , जिला अध्यक्ष सह पूर्व विधायक रामदास सोरेन. मोहन कर्मकार, राजु गिरी, हिदायत खान सहित कई प्रमुख लोग शामील थे।

