
जमशेदपुर।


राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ जिले मे चलने सारे सरकारी अस्पतालो मे डाक्टर शनिवार को ओपीडी काम नही किया। इस कारण मरीज इधर उधर भटकते दिखे।इसका सबसे अधिक असर एम जी एम अस्पताल पर देखने को मिला। शहर के एक मात्र सबसे बड़े अस्पताल मे मरीज सुबह से ही इलाज कराने अस्पताल पहुंच गए थे। वही डाक्टरो के द्वारा इमरजैसी सेवा को बहाल रखा गया।इस सदर्भ में जमशेदपुर मे इनाडु इंडिया से विशेष बातचीत मे आई एम ए के सचिव डॉ मृत्युजंय कुमार ने कहा । उन्होने कहा कि डाक्टर एक गजटैड रैंक के होते है और गजटेट रैक हो कर मुखिया से छुट्टी शोभा नही देता है। उन्होने कहा कि मुखिया एक राजनितीक पार्टी होता है। और उनके रहने काम हमेशा प्रभावित होगा। उन्होने कहा कि इस प्रकार की कानुन बन जाने से डाक्टरो की परेशानी बढ़ जाएगी। मुखिया के द्वारा हमेशा मनमानी किया जाता रहेगा।
उन्होने कहा कि हमलोगो ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री रघुवर दास से भी मुलाकात की थी। लेकिन हमलोगो का उनका जबाब निराशाजनक रहा। इस लिए हमलोगो ने निर्णय लिया है कि शनिवार 7 नवबंर को राज्य के सभी सरकारी अस्पतालो मे काम करने वाले चिकीत्सक ओ पी डी मे काम नही करेगें। हालाकि अस्पतालो में इमंरेजैसी मे डाक्टर रहेगे। उन्होने कहा कि इस छोटे से विरोध के बावजुद सरकार नही मानती है तो हमलोग राज्य भर के सारे डाक्टर इस फैसले के खिलाफ जोरदार अंदोलन करेगें।

