
टेल्को क्षेत्र के स्कूलों में बढ़ती फ़ीस, कमीशनखोरी और मनमानी रोकने के विरुद्ध कर रहे थे प्रदर्शन


टाटा मोटर्स के अधिकारी और प्रसार केंद्र ने वार्ता के लिए बुलाया था ।
- वार्ता रही विफ़ल तो वहीं पुनः सत्याग्रह पर बैठ गए नेता ।
- करीब तीन घँटे तक चला प्रदर्शन, हुई नारेबाजी ।
- टेल्को थाना ने प्रदर्शनकारियों को किया गिरफ्तार, बांड पर छोड़ा ।
- टेल्को के स्कूलों के खिलाफ़ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा ।
जमशेदपुर।
टेल्को क्षेत्र के प्राइवेट स्कूलों में अनियंत्रित फ़ीस बढ़ोत्तरी, कमीशनखोरी, शिक्षकों को कम वेतन भुगतान एवं चिन्हित दुकान से क़िताब और यूनिफार्म ख़रीदने की बाध्यता के विरुद्ध आंदोलनरत ‘शिक्षा सत्याग्रह’ संस्था के सदस्यों ने कॉलोनी के शिक्षा प्रसार केंद्र पर जमकर बवाल काटा। पिछले दिनों सत्याग्रह पूर्वक विभिन्न माँगों के आलोक में सत्याग्रह कर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी नेताओं को टाटा मोटर्स प्रबंधन के अधिकारियों ने माँगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन पर आंदोलन वापस लिया गया था। टाटा मोटर्स के सुरक्षाधिकारी रजत सिंह ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए शिक्षा प्रसार केंद्र के सचिव विश्वमोहन प्रसाद संग बैठक करने हेतु शिक्षा सत्याग्रह के प्रतिनिधियों को बुलाया था। शुक्रवार को शिक्षा प्रसार केंद्र में ही सुबह दस बजे वार्ता प्रारंभ हुई।
वार्ता के क्रम में टेल्को प्रबंधन की ओर से स्कूलों का पक्ष रखते हुए यह कहा गया कि ऑडिट रिपोर्ट नहीं दी जा सकती। वहीं किताबों में 20 प्रतिशत छूट नहीं दी जाएगी, केवल 10% तक ही होगा। इसके अलावे शिक्षकों के वेतन बढ़ोत्तरी, बस परिचालन और अन्य मुद्दों पर भी शिक्षा प्रसार केंद्र ने पल्ला झाड़ लिया किंतु भविष्य में मांग पर विचार करने की बात कही। इसी बात “शिक्षा सत्याग्रह” संस्था के सदस्य विफ़र गयें और लिखित आश्वासन की माँग करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए। पूर्वाह्न 11:00 बजे से धरना प्रारंभ हुई। थोड़ी ही देर में सत्याग्रह संस्था के और भी सदस्य मौके पर जुट गए। भीड़ बढ़ता देख टेल्को के सुरक्षाधिकारी और स्थानीय टेल्को थाना के अधिकारी और पुलिस बल भी मौके पर पहुँची।
केंद्र का नाम बदल किया ‘शिक्षा व्यापार केंद्र’ : उधर लगभग एक घँटे तक इंतेज़ार के बावजूद शिक्षा प्रसार केंद्र द्वारा लिखित आश्वासन नहीं मिलने के बाद नेताओं ने केंद्र के दीवारों पर वॉल-राइटिंग शुरू की। इस क्रम में उन्होंने शिक्षा प्रसार केंद्र का नाम बदलकर ‘शिक्षा व्यापार केंद्र’ कर दिया। वहीं इस बीच उग्र नारेबाज़ी होते रही। प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने हिल टॉप स्कूल की प्राचार्या पुनीता बी. चौहान और गुलमोहर स्कूल की प्राचार्या पर भी व्यवसाईकरण का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
लाठी गोली खाएंगे, शोषण बंद कराएंगे : स्कूल फ़ीस बढ़ोत्तरी और कमीशनखोरी के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे नेताओं के उग्र नारेबाजी से समूचा क्षेत्र गूंजायमान रहा। मौके पर पहुँची पुलिस को देखते ही युवा नेता अंकित आनंद ने जोरदार नारेबाज़ी शुरू की। इस दौरान लाठी-गोली खाएंगे, फ़ीस कम कराएंगे, मारो जूता सारों को…शिक्षा के दलालों को सरीख़े कई नारे लगें।
पुलिस ने किया गिरफ़्तार, बांड पर छोड़ा : शिक्षा प्रसार केंद्र में धरने पर बैठे नेताओं को पुलिस ने सख्ती दिखाई। इसपर युवा नेता अंकित आनंद ने उन्हें हाथ जोड़कर विनम्रता से हथकड़ी लगाकर गिरफ़्तार कर लेने की बात कही। जबरन टेल्को पुलिस ने नेताओं को मौके से उठाया और किसी तरह गैतक बाहर तक ले आयी। गेट के बाहर आते ही पुनः प्रदर्शनकारी पुलिस जीप के सामने बैठ गए। काफ़ी ज़ोर-जबरदस्ती और मान-मनौव्वल के बाद वे जीप में बैठाकर टेल्को थाना भेजे गए।
ये हुए थे गिरफ्तार : शिक्षा प्रसार केंद्र में प्रदर्शन कर रहें शिक्षा सत्याग्रह संस्था के नेता अंकित आनंद, अप्पू तिवारी, कुमार सौरव, विक्रम पंडित, नीरज दूबे, दर्श चौधरी को टेल्को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जिन्हें लगभग एक घँटे बाद थाना से बांड पर छोड़ दिया गया।
माँगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन : शिक्षा सत्याग्रह संस्था के युवा नेता अंकित आनंद ने गिरफ्तारी के बाद कहा कि माँगें पूरी होने तक आंदोलन ज़ारी रहेगा। कहा कि भारतीय संविधान सर्वोपरि है और इसका अनुपालन सबों को करना ही होगा। स्कूलों में एम्प्लोयी-नॉन एम्प्लोयी श्रेणी में दोहरी व्यवस्था बर्दाश्त नहीं होगी। कहा कि जल्द ही जिले के उपायुक्त से मिलकर सभी स्कूलों के ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक कराने की माँग की जाएगी और तबतक के लिए फ़ीस बढ़ोत्तरी पर रोक लगाने की आग्रह की जाएगी। कहा कि उनका आंदोलन अभिभावकों के साथ ही शिक्षकों और छात्रों के हित में है। टाटा मोटर्स को सबका ख़्याल करना होगा। वहीं संस्था के नेता अप्पू तिवारी ने कहा कि शिक्षा का मंदिर सामुदायिक सेवा के लिए स्थापित है। यहाँ भेदभाव और व्यवसायीकरण रोकने के लिए हर संभव अभियान चलाए जाएंगे।
यह थी माँगें :
1) टेल्को क्षेत्रांतर्गत स्कूल क्रमशः हिल टॉप स्कूल, गुलमोहर स्कूल, शिक्षा निकेतन, चिन्मया विद्यालय, विवेक विद्यालय समेत अन्य स्कूलों के पिछले 5 सालों के ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
2) एक चिन्हित दुकानदार से किताबें, कॉपियाँ और यूनिफॉर्म ख़रीदने की बाध्यता समाप्त हो ।
3) किताबों के ख़रीद पर अभिभावकों और छात्रों को कम से कम 20% की छूट मुहैया कराई जाए।
4) सीबीएसई स्कूलों में केवल एनसीआरटी की पुस्तकें पाठ्यक्रम में शामिल हों।
5) स्कूलों द्वारा बस सेवा मुहैया कराया जाए।
6) स्कूल में बच्चों के संग एम्प्लॉयी/नॉन-एम्प्लॉयी का भेदभाव समाप्त हो। तथा एम्प्लॉयी एवं नॉन-एम्प्लॉयी श्रेणी के बच्चों का स्कूल फ़ीस एक समान हो।
7) शिक्षकों को सीबीएसई/आईसीएसई बोर्ड के नियमों के आलोक में किया जाए भुगतान।
8) बिल्डिंग तैयार होने के बावजूद हिल टॉप स्कूल द्वारा अभिभावकों से वसूले जा रहे 7500 रुपये वापस किया जाए।
प्रदर्शन में ये हुए शामिल :
शिक्षा सत्याग्रह की अगुआई युवा नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता अंकित आनंद ने किया। इस दौरान अप्पू तिवारी, समाजसेवी रिंकू सबलोक, कुमार सौरव, विजय सिंह, राजीव कुमार, अभय शुक्ला, गौतम दुबे, सुमित जायसवाल, दर्श चौधरी, विवेक जायसवाल, नीरज दुबे, विक्रम पंडित, विनोद गुप्ता, निशांत मिश्रा, राजेश त्रिवेदी, राजा सरकार, संदीप राय, प्रवीण सिंह, सुनील सिंह, राजू जायसवाल, शिवम सिंह, पवन उपाध्याय समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि।
इन स्कूलों को केंद्रित कर किया गया प्रदर्शन :
टेल्को के शिक्षा प्रसार केंद्र पर आज “शिक्षा सत्याग्रह” के तहत किये गए प्रदर्शन क्षेत्र के कई स्कूलों के मनमानी के विरुद्ध किया गया। इसमें मुख्य रूप से हिल टॉप स्कूल, गुलमोहर स्कूल, शिक्षा निकेतन, एलएफएस, चिन्मया विद्यालय, विवेक विद्यालय समेत अन्य।

