
जमशेदपुर।


विशाखापत्तनम के व्यवासायी विक्रम घमिजा के हत्या के मामले में विशाखापत्तनम पुलिस आजादनगर पुलिस की मदद से मोहम्मद असरफ को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि विशाखापत्तनम पुलिस ने युवा व्यवासायी विक्रम धमिजा की हत्या करके अपराधी जमशेदपुर में ही छुपे होगें। उसी शक के आधार पर टीम जमशेदपुर पहुंची थी।
गौरतलब है की 7 जुलाई 2017 में विशाखापट्टनम में रहने वाले एक बड़े व्यवसायी की ह्त्या उसके फ्लैट में घुसकर हथियार बंद अपराधियो ने कर दिया था। अपराधियों ने लूट पाट भी किया था। व्यवसायी विक्रम धावेजा अपने क्षेत्र का चर्चित व्यवसायी था। जिसकी ह्त्या के बाद अनुशंधान में विशाखापट्टनम की पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज के आधार पर अपराधियों की तलाश में जुट गयी थी। घटना को सात अपराधियों ने अंजाम दिया था जिसका सबूत फुटेज में था। मामले में पुलिस को सातो अपराधियों की पहचान होने पर छापामारी शुरू की गयी जिसमे ओडिसा बिहार और झारखण्ड के अपराधियों ने ह्त्या की घटना को अंजाम दिया था।झारखण्ड में जमशेदपुर में रहने वाले दो अपराधियों की पहचान की गयी थी।विशाखापट्टनम पुलिस टीम मामले में पूर्व में कई बार जमशेदपुर आ चुकी है लेकिन सफलता नहीं पर वापस लौटना पड़ा था। विशाखापट्टनम पुलिस ने जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक से इस मामले में मदद मांगी थी। टीम ने पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।जमशेदपुर में पहचान हुए अपराधी की घर में मौजूद होने की सुचना पर विशाखापट्टनम की तीन सदस्य पुलिस टीम ने आज़ादनगर थाना पुलिस की मदद से आज़ाद नगर में रहने वाले मो असरफ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया की इस हत्या कांड का सूटर यही व्यक्ति था। पुलिस ने बताया कि मोबाइल लोकेशन की मदद से इस अपराधी तक पहुंचने में वो लोग कामयाब हुए है।

