
मातमी जुलूस में खुद को जख्मी कर रहे थे लोग


जमशेदपुर।
शनिवार को शहर में एकता और कुर्बानी का प्रतिक मुस्लिम समाज का पर्व मुहर्रम का अखाड़ा जुलूस निकला। जुगसलाई, गोलमुरी, ध्तकीडीह व मानगो में विभिन्न संस्थाओं द्वारा शिविर लगाकर लंगर-ए-आम खिचड़ा बांटा गया। अखाड़ा जुलूस के दौरान विध् िव्यवस्था बनाये रखने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की भी पूरी तैयारी कर रखी थी। मातमी जुलूस एवं अखाड़ा कमिटियों द्वारा निकाला गया ताजिया के दौरान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्वक मुहर्रम का पर्व संपन्न हुआ। मातमी जुलूस में शामिल लोग जंजीर और कोड़े से मारकर खुद को जख्मी कर रहे थे। कुछ युवक छाती पीट-पीटकर मातम मना रहे थे। मातमी माहौल को या हुसैन, या अली की गूंज और ज्यादा गमगीन बना रही थी। मुहर्रम के दौरान शहर में 112 मजिस्टेट तैनात किये गये थे। ये मजिस्टेट शुक्रवार 23 अक्टूबर की सुबह 6 बजे से तैनात थे, जो आगामी 25 अक्टूबर की रात 10 बजे तक तैनात रहेंगे। जमशेदपुर शहर में 65 अखाड़ा कमिटियों ने अपना अपना ताजिया निकाला। जिसमें मानगो एरिया से 26 और धतकीडीह कर्बला की ओर से 39 अखाड़ा शामिल थे। शहर में कुल 55 लाईसेंसी अखाड़ें हैं। 10 गैर लाईसेंसी है। धतकीडीह कर्बला कमिटी में 32 एवं मानगो सेंट्रल मुहर्रम अखाड़ा में 23 लाईसेंसी अखाड़ें हैं। मुहर्रम जुलूस के दौरान मानगो, जुगसलाई, परसुडीह, साकची एवं बिष्टुपुर थाना में डाक्टरों की टीम को भी प्रशासन ने प्रतिनियुक्त कर रखा था। आज निकले मातमी जुलूस में मंहगाई का असर भी दिखा लेकिन मुस्लिम सामुदाय के लोगों के जोश में कोई कर्मी नजर नहीं आयी।

