
एमजीएम अस्पताल की पूरी व्यवस्था बदतर: अध्यक्ष

अस्पताल में चारों ओर गंदगी, अधीक्षक को साथ में घुमाते रही
जमशेदपुर।
एमजीएम अस्पताल में बच्चों की लगातार हो रही मौत के मामले पर हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद बुधवार को राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कल्याणी शरण व उनकी पूरी टीम ने एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान गायनिक वार्ड, बच्चा वार्ड, आहार विभाग, बर्न वार्ड में गंदगी ही फैली नजर आयी. गंदगी को लेकर उन्होंने अधीक्षक डा. भारतेन्दू भूषण की जमकर भड़ास निकाली.
एमजीएम अस्पताल में पिछले चार महीने में करीब 110 बच्चों की मौत हो चुकी है. अस्पताल में बच्चों की लगातार हो रही मौत के मामले पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. मंगलवार को जिला व सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद के निरीक्षण के बाद बुधवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण ने एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण किया. बुधवार की शाम करीब पांच बजे वे एमजीएम अस्पताल पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक गायनिक वार्ड, बच्चा वार्ड, आहार विभाग और बर्न वार्ड का निरीक्षण किया. बुधवार की शाम करीब पांच बजे जब महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण व उनकी टीम एमजीएम पहुंची तो अधीक्षक को बिना कोई जानकारी दिए अस्पताल के गायनिक वार्ड, आहार वार्ड, बच्चा वार्ड का निरीक्षण किया. जब वे अस्पताल का निरीक्षण कर रही थी तो पूरे अस्पताल में गंदगी देखने को मिली. अस्पताल में गंदगी फैली हुई थी. पूरे वार्ड से बदबू आ रही थी. अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदतर थी. इसके बाद वे अपनी टीम के साथ एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डा. भारतेन्दू भूषण के कार्यालय में पहुंची और अस्पताल में गंदगी के बारे में जानकारी दी. उन्होंने अधीक्षक से अस्पताल में फैली गंदगी के बारे में किसे दोषी ठहराने के बारे में पूछा. उनके सवाल पर एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डा. भारतेन्दू भूषण ने उन्हें कहा कि वार्ड में पूरी तरह से सफाई है. उनके इस बात पर महिला आयोग की अध्यक्ष उन्हें लेकर गायनिक वार्ड पहुंची. उन्होंने अपने साथ अधीक्षक डा. भारतेन्दू भूषण को वार्ड में घुमाया और गंदगी को लेकर सवाल करती रही. वार्ड में बेड पर न तो चादर थी और न ही तकिया थी. बेड भी पूरी तरह से फटा हुआ था लेकिन मजबूरी मरीज उस पर पड़े थे. उन्होंने सफाई को लेकर जम कर क्लास ली. अधीक्षक गंदगी की बात को लेकर कई जगह अड़े रहे. गायनिक वार्ड में परिजनों के लिए बने बैठने की जगह पर भी गंदगी थी. उसके नीचे से रास्ते में पूरी गंदगी भरी हुई थी. कई जगह गंदा पानी जमा हुआ मिला. बाथरूम में बेकार पानी बह रहा था. बेड से उठायी गई गंदगी चादर एक जगह पर जमा थी. उन्होंने अधीक्षक को प्रसूति विभाग के डिलीवरी रूम को दिखाया और वहां पर फैली गंदगी के बारे में सवाल करती रही. उन्होंने एमजीएम अस्पताल के बर्न वार्ड का निरीक्षण किया. वार्ड में भर्ती मरीजों और उसके परिजनों से अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली. इस मौके पर उन्होंने कहा कि अस्पताल अधीक्षक डा. भारतेन्दू भूषण की गंदगी को लेकर जमकर भड़ास निकाली. उन्होंने कहा कि एमजीएम अस्पताल की पूरी व्यवस्था बदतर है. भले ही डॉक्टर और नर्स की कमी है लेकिन अस्पताल को साफ रखना उनकी जिम्मेदारी है. अस्पताल में हर जगह पर गंदगी फैली है. उन्होंने अधीक्षक से कहा कि यदि डॉक्टर और नर्स की कमी है तो आगे लिखें. इसमें वे उनकी मदद करेंगे. उन्होंने कहा कि टीएमएच और टाटा मोटर्स में सफाई की स्थिति के बारे में जानकार देखें. एमजीएम अस्पताल की अपेक्षा टीएमएच व टाटा मोटर्स में चौगुना मरीजों का इलाज होता है लेकिन देखें जाकर सफाई कैसी है. उन्होंने कहा कि एमजीएम अस्पताल की पूरी व्यवस्था चौपट है. लोगों तक जो सरकारी सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही है. सरकार के पास कोई तीसरा नेत्र नहीं है. लेकिन सरकार को तीसरा नेत्र खोलना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर से अस्पताल में व्यवस्था उपलब्ध कराती है लेकिन जनता तक नहीं पहुंच पाता है. इसके लिए नीचे स्तर के अधिकारी ही दोषी होते हैं. उन्होंने कहा कि वार्ड में भर्ती मरीज सडक़ों पर पंखा झेल कर रोड पर घूम रहे हैं.
मुंह पर कपड़े बांध का निरीक्षण करती रही अध्यक्ष
एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची महिला आयोग की अध्यक्ष व उनकी टीम को पूरे अस्पताल में गंदगी मिली. उन्होंने अपनी टीम के मुंह पर कपड़े लपेट कर निरीक्षण किया. अस्पताल के गायनिक वार्ड, बच्चा वार्ड, आहार विभाग व बर्न विभाग में गंदगी फैली मिली. जब वे अपनी टीम और अधीक्षक के साथ वार्ड का निरीक्षण कर रही थी तो मुंह पर कपड़े बांध रखी थी जिससे उन्हें गंदगी न मिले.
डॉक्टर कह रहे ब्लड लाओ, तब होगा ऑपरेशन
जब महिला आयोग व उनकी टीम अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची तो गायनिक वार्ड में एक महिला बेड पर पड़ी थी. टेल्को लक्ष्मीनगर निवासी मीना देवी ने बताया कि उसका पति बाहर में काम करता है. दो महीने की वह गर्भवती है लेकिन पेट में बच्चा खराब हो गया है. मंगलवार को सदर अस्पताल गई थी. सदर अस्पताल से उसे एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया है. बुधवार की सुबह जब वह एमजीएम पहुंची तो उसे भर्ती नहीं लिया गया. वह बरामदे पर पड़ी रही लेकिन जब बेड खाली मिला तो आकर पड़ी. उसने कहा कि डॉक्टर ने उसे यह कहा कि पहले वह ब्लड जमा करे उसके बाद उसका ऑपरेशन होगा. महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि मानवता के नाते एक बोतल ब्लड देकर महिला की जान बचा सकते हैं लेकिन वे लोग ऐसा नहीं कर रहे हैं.
घाव के लिए बैगन व दही खतरनाक
निरीक्षण के दौरान बर्न वार्ड में भर्ती मरीज से महिला आयोग की अध्यक्ष ने खाना व दवा के बारे में पूछी. मरीजों ने बताया कि बैगन की सब्जी दी जाती है. महिला आयोग अध्यक्ष ने एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक से कहा कि इस तरह के मरीज के लिए बैगन व दही खतरनाक है.
बर्न वार्ड के शौचाल में मिली गंदगी
महिला आयोग की अध्यक्ष ने अधीक्षक से कहा कि बर्न वार्ड का शौचालय शीशे की तरह कैसे चमकता है इसे देखें. उन्होंने अधीक्षक से कहा कि चलें बाथरूम में घुसते हैं और सफाई को देखते हैं. उन्होंने अधीक्षक पर सफाई को लेकर नाराजगी जतायी

