
जमशेदपुर।


सीएम एवं शिक्षा मंत्री के निर्देश पर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने की कवायद शुरू हुई है। प्राइवेट स्कूलों को संबद्धता नियमावली के तहत स्वयं बस सेवा देनी होगी। वहीं नर्सरी दाखिले को लेकर भी प्रशासन द्वारा सतत निगरानी रखी जायेगी। यह पहल स्वागत योग्य है। निज़ी स्कूलों की मनमानी रोकने को लेकर भारतीय जनता पार्टी कटिबद्ध है। इस आशय से पिछले कई महीनों से भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रवक्ता ने पार्टी स्तर से अभिभावकों के हितार्थ माँग की थी। स्कूलों के विरुद्ध शिकायतें जिला शिक्षा विभाग,राज्य मानव संसाधन विकास विभाग के अलावे सूबे की शिक्षा मंत्री, माननीय मुख्यमंत्री समेत प्रधानमंत्री कार्यालय को भी लिखित तौर पर देते हुए भाजपा जिला प्रवक्ता ने 2018 के शैक्षणिक सत्र से पूर्व स्कूलों की मनमानी रोकने की माँग उठाई थी। शुक्रवार को जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निज़ी स्कूलों की मनमानी पर विराम लगाने सम्बंधित कई आवश्यक निर्णय दिए गए। इस बाबत भाजपा जिला प्रवक्ता अंकित आनंद ने राज्य सरकार एवं जिला उपायुक्त अमित कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। कहा कि उपायुक्त द्वारा दिये गए दिशा-निर्देश स्कूलों पर नकेल कसने में कारगर सिद्ध होगा। कहा कि झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधित) विधेयक-2017 को पूर्णतः प्रभाव में आने तक स्कूलों में सभी तरह के शुल्क बढ़ोत्तरी पर अविलंब रोक लगनी चाहिए।

