
![]()
काजल मिश्रा


जमशेदपुर।
घालभुमगढ थाना क्षेत्र में एक बार फिर जिला प्रशासन के द्वारा शुक्रवार की रात नाबालिक लड़की के शादी रोकवा दिया। उसी मामले के तहत शनिवार को प्रखण्डविकास पदाधिकारी के निर्देश पर जब दो आंगनबाड़ी सेविका को उस गांव में भेजा गया तो ग्रामीणो ने दोनो सेविकाओ को आंगनबाड़ी केन्द्र मे बंधक बना लिया। बाद में काफी हंगामे के बाद ग्रामीणो ने दोनो सेविकाओ को छोड़ दिया।
दरअसल शुक्रवार की रात धालभुमगढ थाना क्षेत्र के ऱघुनाथडीह देवेन महतो की बेटी का शादी डोरशोल के अजय महतो के साथ शादी होनी थी। उसी बीच किसी ने पुलिस को सुचना दे दी। कि जिस लड़की शादी हो रही है।वह नाबालिक है। उस सुचना पर पुलिस रात को गांव पहुंच कर शादी रुकवा दिया। उसके बाद पुलिस वहां से लौट गई।आज उसी मामले की जानकारी के लिए जब आंगनबाड़ी के सेविक को भेजा गया तो ग्रामीण उन सेविकाओ को गुस्से मे आकर आंगनबाडी केन्द्र में बंद कर दिया।
ग्रामीणो का आरोप है कि जब लड़की शादी तय हुई थी उस वक्त दोनो सेविका आकर भोज मे शामील हुई थी। यदि लड़की नाबालिक है तो उस वक्त क्यो नही दोनो ने रोका। यदि उस वक्त वह रोक लेती तो शायद यह दिन हमलोगो को देखना नही पड़ता। उन्होने कहा कि बारात आने की तैयारी चल रही है। और जिला प्रशासन के लोग आते है कि आपकी बेटी नाबालिक इसकी शादी अभी नही हो सकती है। इससे करने से समाज मे बदनामी होती है। उन्होने कहा कि इसी कारण हमलोगो ने सेविका को बंधक बनाया है।
विदीत हो कि बीते गुरुवार को भी इसी गांव मे पुलिस ने एक नाबालिक लड़की को शादी होने रोका था।

