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जमशेदपुर ।
सरयू राय जब अपने घर से मंत्री आवास जाते वक्त गरुड़ का यह बच्चा दिखा। एक घर के सामने दो-तीन लोग इसे पानी पिला रहे थे। वहीँ किसी पेड़ पर इसका घोंसला होगा शायद। मैं उसे वहां से ले आया। क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक श्री शशि नंदकुलियार को फोन कर बताया फिर उसे लेकर मंत्री आवास पहुंचा। पर्यावरण और प्रकृति के प्रेमी तथा पर्यावरणविद् मंत्री सरयू राय ने इसे हाथों में लेकर दुलारा। पानी पिलाया। तब तक वन विभाग की टीम भी आ गयी। नन्हे गरुड़ को उनके हवाले कर दिया गया। रामायण के अनुसार राम-रावण युद्ध के दौरान जब मेघनाद ने श्रीराम को नागपाश में बांध दिया था तो देवर्षि नारद के कहने पर पक्षीराज गरुड़ ने नागपाश काट कर उनकी मदद की थी। आज पक्षी राज को स्वयं मदद की जरुरत है। यह संरक्षित प्राणियों की सूची में शामिल है। पवित्र नवरात्र में भगवान विष्णु के वाहन पक्षी राज गरुण के दर्शन का अवसर प्राप्त होना भी सुखद संयोग रहा।



