
एक सप्ताह के अंदर गैर दुधरू व अलाभकारी गायों का गणना करने का आदेश


जमशेदपुर।
झारखंड गो वंशीय पशु हत्या प्रतिषेध् अध्निियम 2005 के अनुपालन में उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम डा. अमिताभ कौशल की अध्यक्षता एवं वरीय पुलिस अध्ीक्षक अनुप टी मैथ्यू जमशेदपुर की उपस्थिति में जिला स्तरीय बैठक की गयी। बैठक में जिला पशुपालन पदाध्किारी को निदेशित किया गया है कि जिला अंतर्गत दोनों गौशाल ;जुगसलाई व चाकुलिया का एक सप्ताह के भीतर निरीक्षण कर इस आशय का प्रतिवेदन समर्पित करेंगे कि वहां संबध्ति अध्निियम के अनुपालनार्थ कितने गैर दुधरू/अलाभकारी गायों को रखा गया है ताकि गणना कर सरकार से इस मद में आवंटन की मांग की जाय। साथ ही प्रत्येक माह के अंत में गौशाला में रखी गयी अलाभकारी गायों की गणना कर जिला पशुपालन पदाध्किारी प्रतिवेदन समर्पित करेंगे। झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध् अध्निियम 2005 की धरा-4 के तहत गोवंरीय पशुओं का निर्यात प्रतिबंध्ति है। अतः इस पर जिला पशुपालन पदाध्किारी नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। गोवंशीय पशुओं के ट्रांसपोर्टिंग हेतु परमित निर्गत करना एवं उल्लघंन पर गोवंरीय पशुओं को जब्त करने हेतु कार्रवाई अनुमंडल पदाध्किारी, धलभूम/घाटशिला करेंगे तथा इसमें आवश्यक सहयोग जिला पशुपालन पदाध्किारी करना सुनिश्चित करेंगे। इस कार्य में पुलिस पदाध्किारी/पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति हेतु वरीय पुलिस अध्ीक्षक अपने स्तर से कार्रवाई करेंगे। संबंध्ति अध्निियम की धरा-6 के तहत कोई भी व्यक्ति गोमांस को अपने कब्जे में नहीं रखेंगे तथा ऐसा किये जाने पर उनके विरू( कार्रवाई जिला पशुपालन पदाध्किारी तथा पुलिस पदाध्किारी नियमानुसार करना सुनिश्चित करेंगे। अवैध् वध्शालाओं के संचालन पर रोक लगाने की कार्रवाई जिला पशुपालन पदाध्किारी, पुलिस बल एवं दंडाध्किारी के सहयोग से करना सुनिश्चित करेंगे। झारखंड गोवंरीय पशु हत्या प्रतिषेध् अध्निियम 2005 के तहत की गयी कार्रवाई यथा क्रय विक्रय स्थल परिवहन स्थल, वध्शाला आदि स्थानों से जब्त किये गये गोवंशीय पशु को परिवहन कर स्थानीय गौशाला में रखा जाय तथा परिवहन में हुए खर्च हेतु आवंटन की मांग सरकार से किये जाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में उपायुक्त, एसएसपी, जिला पशुपालन पदाध्किारी के अलावा श्री टाटानगर गौशाला के अध्यक्ष, सचिव, अध्यक्ष कलकता पिंजरापोल सोसायटी चाकुलिया, कोषाध्यक्ष कलकता पिंजरापोल सोसायटी चाकुकिया, पशु शल्य चिकित्सक के अलावा कापफी संख्या में संबंधित पदाधिकारी व संस्था के लोग उपस्थित थे।

