
जमशेदपुर।


समाजसेवी संस्था भारतीय प्रशासनिक सुधार एवं जन शिकायत परिषद के अध्यक्ष दर्श चौधरी द्वारा कुछ महीनों पहले उपायुक्त को शिकायत किया गया था कि MGM अस्पताल के अधीक्षक डॉ. भारतेंदु भूषण द्वारा सूचनाओं को उपलब्ध कराने हेतु उनसे 5 लाख रिश्वत माँगा गया है। दर्श चौधरी के शिकायत पर उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए अपर जिला दंडाधिकारी सुबोध कुमार को जाँच करने का निर्देश दिया गया था। उसके बाद अपर जिला दंडाधिकारी सुबोध कुमार द्वारा अग्रतर कार्यवाई करने हेतु दर्श चौधरी को अपना पक्ष रखने एवं साक्ष्यों को प्रस्तुत करने निर्देश दिया गया था।
अपर जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर दर्श चौधरी द्वारा 22 दिसंबर, 2017 को अपना पक्ष एवं साक्ष्यों को प्रस्तुत कर अधीक्षक के खिलाफ FIR दर्ज कर क़ानूनी कार्यवाई करने का आग्रह किया गया है। दर्श चौधरी ने अपने पक्ष में बोला है कि अधीक्षक डॉ. भारतेंदु भूषण द्वारा सूचनाधिकार का उल्लंघन करते हुए बिना किसी सरकारी आदेश/निर्देश के ही जन सूचना पदाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश श्रीवास्तव के कार्यों में हस्तक्षेप किया गया है एवं अपने पद व शक्तियों का तानाशाही करते हुए उनसे 5 लाख रूपये की मांग किया गया था। अधीक्षक द्वारा अक्सर जन सूचना पदाधिकारी के कार्यों में हस्तक्षेप कर सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न किया जाता है जिसके लिए उनके खिलाफ IPC की धारा 354 के तहत FIR दर्ज कर क़ानूनी कार्यवाई होना चाहिए।
दर्श चौधरी ने बताया कि अधीक्षक अस्पताल के प्रथम अपीलीय पदाधिकारी है फिर वो किस कानून एवं अधिकार से 5 लाख रूपये की मांग कर रहे थे। सूचनाधिकार के तहत अतिरिक्त शुल्क की मांग करने का अधिकार सिर्फ अस्पताल के जन सूचना पदाधिकारी को है जो कि डॉ. ओम प्रकाश श्रीवास्तव है फिर अधीक्षक डॉ. भारतेंदु भूषण द्वारा उनसे 5 लाख रूपये किस उद्देश्य से माँगा है। अधीक्षक शुरू से ही दर्श चौधरी के विरोधी रहे है एवं उनके द्वारा तरह-तरह हथकण्डे अपना कर दर्श चौधरी को सूचनाओं से वंचित रखा जा रहा है।

