
चाईबासाः- मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखण्ड की संस्कृति यहां की पहचान है और हम इस संस्कृति का पूरे राज्य के साथ-साथ देश और विश्व में मान बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि सारी सृष्टि प्रकृति पर टिकी है। हमारे जनजातीय समाज में प्रकृति के संरक्षण की परंपरा रही है। झारखण्ड राज्य विकास की ओर उन्मुख है। हमारी सोंच है कि सबके सहयोग से सबों का विकास हो। आने वाले पांच वर्षों में कोल्हान की सूरत भी बदलेगी। एक साल के अंदर मनोहरपुर में स्टील पलांट लगेगा। पूरे कोल्हान क्षेत्र में तीन स्टील पलांट स्थापित होने है जो संयुक्त उपक्रम के अधीन निर्मित किए जाएंगे। इससे यहां के युवाओं को बाहर नहीं जाना पडे़ेगा। मुख्यमंत्री आज विष्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य पर चाईबासा में आयोजित प्रमंडलीय स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हम झारखंड राज्यो के बलिदानियों के सपनों को साकार करना चाहते हैं. उन्होंने जिस कल्पना से इस राज्य्ा का निर्माण कराय्ाा हम उस रास्ते का पालन करेंगे. खरसावां में एक जनवरी 1948 को गोलीकांड में जो शहीद हुए उस संबंध में सभी साक्ष्य्ा अभी तक इक्ट्ठा नहीं हो पाय्ाा है जिस कारण शहीदों को सरकार सम्मान नहीं दे पाई है। हमने प्रशासन को इस संबंध में सभी साक्ष्य्ा इक्ट्ठा कर कार्रवाई करने को निदेष दिया है।
श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय के विकास और उनके सम्मान के लिये कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के जीवन स्तर को उंचा करना एवं उनके संस्कृति को संरक्षित करने के लिये सभी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति के गांव के विकास कार्यक्रम के तहत कोल्हान प्रमण्डल के 250 गांवांे को चिन्हित कर सरकार गोद लेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास से ही समृद्ध झारखण्ड का निर्माण होगा। जिन आदिवासी समुदाय के बच्चों ने पैसे के आभाव में स्कूल छोड़ दिया है सरकार उन्हें षिक्षा के साथ-साथ रोजगार देने का काम करेगी ताकि वे समाज के मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को एक बेहतर राह दिखाना है और इसमें मुख्य भुमिका हमारी आदिवासी समाज की महिलायें निभा सकती है इसलिये उन्हें आगे आना होगा। उन्हें अपने बेटे/बेटियों को बेहतर षिक्षा देना होगा सरकार आपके साथ है। सभ्यता के इस दौर में भी डायन बिसाही के नाम पर महिलाओं की हत्या होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके लिये समाज को जागरूक होना होगा। ज्ञान आधारित समाज के निर्माण से ही सामाजिक कुरीतियों पर विजय पाया जा सकता है। इस दूर करने के लिये राज्य सरकार ने भी जागरूकता रथों को रवाना किया है। उन्होंने आदिवासी समाज की महिलाओं से आह्वान किया कि वे ओझा-गुणी के चक्कर में न पडे़ ये लोग अपने फायदे के लिये भोले-भाले लोगों को अंधविष्वास फैलाने का काम करते हैं, सरकार ऐसे लोगों के विरूद्ध कार्रवाई करेगी। उन्होंने महिलाआंे से अपील किया कि वे सजग और सषक्त बनें।
इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री डाॅ॰लुईस मरांडी ने कहा यह गर्व का विषय है कि आज हम पूरे विष्व में आदिवासी दिवस मना रहे हैं जिससे हमारी पहचान और हमारी संस्कृति से लोग अवगत हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आज राज्य में आदिवासी समाज के उत्थान के लिये कई योजनाओं और कार्यक्रमों को चलाया जा रहा है। आज आदिवासी बच्चों को लिये तकनीकि षिक्षा से लेकर प्रषासनिक परीक्षा की तैयारियों के लिये मुफ्त में कोचिंग कक्षाएं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासी समाज को और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
इस अवसर पर सांसद लक्ष्मण गिलुआ, विधायक षिवषंकर उरांव,विधायक मेनका सरदार,विधायक राम कुमार पाहन,विधायक लक्ष्मण टुडु,पूर्व मंत्री श्री बड़कुवंर गगराई,प्रधान सचिव कल्याण विभाग श्री राजीव अरूण एक्का मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल,आयुक्त कोल्हान प्रमण्डल श्री अरूण,उपायुक्त चाईबासा श्री अबुबकर सिदिदकी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस अवसर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को वन भूमि का पट्टा,नियुक्ति पत्र,कन्यादान योजना के अन्तर्गत चेक, कृषि यंत्र तथा परिसम्पति वितरण किया एवं कई योजनाओं का उदघाट्न एवं शिलान्यास किया।

