JAMSHEDPUR -लगातार 3 दिनो की बारिश ने पूर्वी सिंहभूम जिले की खुली विकास की पोल, बोङाम प्रखंड का हाल

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JAMSHEDPUR

Anni Amrita

ये नज़ारा जमशेदपुर से सटे बोड़ाम के माधवपुर गांव का है।आज़ादी के इतने साल बाद भी पूर्वी सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती झारखंड बंगाल सीमा क्षेत्र के ग्रामीण खुद को ठगा हुआ सा महसूस करते हैं। लगातार हुई बारिश में ग्रामीणों के घर तहस नहस हो चुके हैं। घरों के भीतर तीन फीट तक पानी जमा हुआ है। कई कच्चे मकान टूट चुके हैं।लेकिन कोई सरकारी पदाधिकारी झांकने नहीं आया।

कहते हैं असली भारत गांवों में बसता है लेकिन क्या होगा जब हमारा गांव ही सुकून से न रहे ।ये बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि माधवपुर गांव की हालत देखने न तो स्थानीय विधायक आते हैं और न सरकारी अधिकारी। इस गांव में तकरीबन तीन हजार की आबादी निवास करती है जो इस भारी बारिश में ध्वस्त या टूट चुके घरों में से अनाज और अन्य सामान निकालकर दूसरी जगह पर जाने की जद्दोजहद में लगी है। तीन दिनों की लगातार बारिश में यहां दर्जनों घरों में तीन फीट तक पानी भर गया है।ये तमाम घर मिट्टी के हैं और कई घर टूट कर गिर चुके हैं।बड़ी संख्या में लोग खुले आसमान के नीचे हैं। फिलहाल इनके पास भोजन भी नही है। वहीं लोग अपने घरों से बर्तन के सहारे पानी बाहर निकालने के जुगत में जुटे हैं , यहां के ग्राम प्रधान के अनुसार विगत छह महीनों पूर्व गांव में पी.सी.सी सड़क बनाई गई थी और अब यही सड़क परेशानी का कारण बन गई है। कारण है सड़क के साथ नाले का नहीं बनना , जबकि पूर्व में जब यहां कच्ची सड़क थी तो सड़क के दोनों छोर में नाला बना हुआ था और सड़क का पानी घरों में नही घुसता था। यहां के ग्रामीण बताते हैं कि अब पक्की सड़क बनने के बाद सड़क का ही पानी घरों में प्रवेश कर रहा है जिस कारण तमाम घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और कई टूट चुके हैं।

बहरहाल कारण जो भी हो लेकिन तीन दिनों के बरसात ने सरकारी कार्यों की पोल खोल कर रख दी है। संवेदक ने आधा अधूरा काम करके ग्रामीणों को मुश्किल में डाल दिया और खुद भुगतान लेकर गायब है और इधर ग्रामीण नारकीर जीवन जीने को मजबूर

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