ललन कुमार
शेखपुरा ।
जिले में बुद्धवार की देर शाम हुई पहली बारिश ने जिला प्रशासन की व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी ।एक तरफ जहां सरकार आम लोगों की सुविधा का ख्याल रखते हुए संवेदनशीलता दिखाती है वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन आमलोगों की सुविधा के प्रति संवेदनहीनता दिखा रही है ।अनुमंडल परिसर के आवागमन के मुख्य मार्ग बारिश के पानी के चलते जल जमाव से भर चुका है। सरकारी कार्यो के चलते आमलोंगो व् कर्मियों को उसी पानी में प्रवेश कर आना जाना पड़ रहा है ।समाहरणालय परिसर में पानी के निकास की मुकम्मल व्यवस्था न रहने के चलते बारिश गिरते ही यह समस्या हर साल झेलनी पड़ती है ।सरकार की करोड़ो की राशि अन्य मदों में खर्च कर दी जाती है लेकिन समाहरणालय परिसर के पानी निकास की मुकम्मल व्यवस्था आज तक नही की जा सकी है ।हैरत की बात तो यह है कि जलजमाव वाले क्षेत्र के बगल में ही अनुमंडल पदाधिकारी और भूमि निबंधन पदाधिकारी का कार्यालय भी है ।लेकिन ये पदाधिकारी जलजमाव को आँख से देखते हुए भी न किसी को कोई आदेश दिया और न ही नगर परिसद को किसी प्रकार की सुचना दी ।इस जलजमाव को झेलने के लिए आम लोंगो को अपने हालात पर जिला प्रशासन के पदाधिकारियों ने छोड़ रखा है । वहीं सामाजिक कार्यकर्ता दानी प्रसाद ने कहा कि जिला प्रशासन के लोगों को आमलोंगों की सविधा से कोई लेना देना नहीं है ।उन्हें केवल अपनी सुविधा सूझती है ।तभी तो आज तक पानी निकास के लिए समाहरणालय परिसर में कोई मुकम्मल व्यवस्था नही हो सकी । जिससे बारिश के दिनों में जलजमाव की समस्या को सममहरणाल आने वाले लोंगो को झेलना पड़ता है ।





